कुरुक्षेत्र। अब पिहोवा का सरस्वती द्वार अध्यात्म के साथ राष्ट्रीयता का संदेश भी देगा। जल्द ही सरस्वती द्वार को फसाड लाइटिंग से सजाया जाएगा। इन फसाड लाइटिंग को जयपुर के हवामहल और कुरुक्षेत्र के प्रवेश गीत द्वार की तर्ज पर लगाया जाएगा।
इन लाइट्स की खास बात यह है कि इन लाइट्स में प्रोग्रामिंग की जाएगी। प्रोग्रामिंग करके इन लाइट्स से कोई भी भव्य आकृति बनाई जा सकेगी। इन लाइट्स को लगाने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से 50 लाख रुपये का बजट पास किया गया है। पिहोवा के मुख्य चौक पर सरस्वती द्वार का निर्माण कांग्रेस के शासन काल में कराया गया है। उस समय पर इस द्वार के निर्माण पर दो करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर आए दिन सैकड़ों श्रद्धालु अपने पितरों की सद्गति के लिए पिंडदान, गति कर्म और तर्पण करने के लिए आते हैं।
इस द्वार को सरस्वती तीर्थ के प्रवेश द्वार के रूप में चिह्नित करने के लिए बनाया गया था। अब इस प्रवेश द्वार पर फसाड लाइटिंग से सजाया जाएगा। इन लाइट्स में प्रोग्रामिंग की जाएगी, जिससे द्वार पर तिरंगा झंडा और भारत के नक्शा नजर आएगा। इसमें कई तरह की प्रोग्रामिंग की जाएगी, जिसमें द्वार पर सरस्वती तीर्थ सहित अन्य ऐतिहासिक स्थलों के नक्शे भी दर्शाया जा सकेगा। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि सरस्वती द्वार पर फसाड लाइटिंग के लिए 50 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन लाइट्स में बिजली की खपत भी कम होती है।