कोरोना की दूसरी लहर के बाद कल से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय खुल जाएगा। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थियों में उत्साह है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन भी कैंपस खोलने की तैयारियों में जुट गया है। उधर, विश्वविद्यालय कैंपस खोलने से पूर्व महिला व पुरुष छात्रावास में साफ-सफाई से लेकर अन्य सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विश्वविद्यालय की गाइडलाइन के अनुसार पहला टीका लगवा चुके प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को क्लास में बैठने की अनुमति होगी, जबकि हॉस्टल में ठहरने के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य हैं। विवि प्रशासन द्वारा दिए गए निर्धारित समय तक दो हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आईयूएमएस पोर्टल पर हॉस्टल के लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं। इनमें 950 छात्राएं शामिल है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विश्वविद्यालय की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू की गई है। महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा का कहना है कि जिन विद्यार्थियों ने हॉस्टल के लिए आवेदन किया है, उनके दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। होस्टल में उन्हीं विद्यार्थियों को कमरा दिया जाएगा, जिन्होंने कोरोना के दोनों टीके लगवाए हों।
केयू लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय ने बताया कि हॉस्टल के लिए 18 नवंबर तक विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। हॉस्टल के लिए कोरोनो से बचाव के दोनों टीकों का लगा होना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि तीसरे, पांचवें, सातवें और नौंवे सेमेस्टर के विद्यार्थियों की कक्षाएं आगामी आदेशों तक ऑनलाइन मोड में ही लगेंगी।
दरअसल, कोरोना वायरस की स्थिति सुधारने के बाद 22 नवंबर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। कोविड के बढ़ते प्रकोप के चलते विश्वविद्यालय को करीब आठ माह पहले बंद किया गया था। फिलहाल प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ही कैंपस में ऑफलाइन कक्षाएं लगाने की अनुमति प्रदान की गई है। कक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थियों को टीके की एक डोज लगी होना अनिवार्य है।