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Kurukshetra: पिपली अनाज मंडी में भाकियू चढूनी गुट की जन आक्रोश रैली, यूपी से राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी पहुंचे

Thu, 23 Nov 2023 05:28 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों की एमएसपी से लेकर अन्य मांगे उठाते हुए कहा कि अब आंदोलन से लेकर राजनीति तक आर-पार होगा। इससे पहले उन्होंने रैली में मौजूद किसानों व अन्य लोगों से समर्थन लिया कि उन्हें राजनीति का रास्ता अपनाना चाहिए या नहीं।
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स्टेज पर मौजूद जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मनोहर लाल कभी पार्षद नहीं बने, लेकिन सीधे हरियाणा के मुख्यमंत्री ही बन गए। वे किस्मत के धनी है, लेकिन सत्ता के अहंकार में हैं। वह सीधे तौर पर किसी जरूरतमंद व योग्य व्यक्ति की बात भी सूनना पसंद नहीं करते। उनका यह गुरुर उस समय भी देखने को मिला जब एक महिला उनसे मिली और काम दिलाने की बात की, लेकिन उन्होंने उसे चंद्रयान में ही बैठाकर भेज देने की बात कही थी, लेकिन अब किसान किसान जाग चुके हैं और जब ये आगे बढ़ेंगे तो यह गरूर चकनाचूर हो जाएगा। किसानों के आगे किसी का गरूर नहीं टिक पाया है। यह कहना है राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी का।

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वीरवार को पिपली अनाजमंडी में भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की ओर से आयोजित जन आक्रोश रैली को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि संसद भवन नया बनाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा, बल्कि हर गरीब व्यक्ति को मजबूत बनाने से होगा। लोकतंत्र में अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों को 13 माह तक आंदोलन करने की जरूरत नहीं होती।

किसानों को हर रोज आज सड़कों पर उतरने के लिए इसलिए मजबूर होना पड़ रहा है कि उनकी सरकार में भागीदारी नहीं होती। चौधरी छाेटू राम और चौधरी चरण सिंह भी कहते थे कि किसान का भला तब हो सकता है कि जब वह खेत के साथ-साथ सत्ता में भी भागीदार होगा। इसी उद्देश्य से चरण सिंह प्रधानमंत्री बने थे और किसान हित में अनेकों फैसले भी लिए थे।
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उन्होंने कहा कि किसानों के बीच कोई राज्य, धर्म, जाती की सीमा नहीं है। सभी का रोटी और बेटी का संबंध है। ऐसे में एमएसपी से लेकर दूसरी हर मांग सभी किसानों की है और इन्हें पूरा करने का रास्ता दिल्ली से ही निकलेगा। उधर पत्रकारों से चर्चा में जयंत चौधरी ने कहा कि यह राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के हरियाणा व दूसरे प्रदेशों में जमीन तलाशने का नहीं बल्कि किसानों के हित का मुद्दा है और इसमें उनकी पार्टी देश के हर किसान के साथ खड़ी है। 

अब आंदोलन से लेकर राजनीति तक आर-पार होगा : चढूनी
भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों की एमएसपी से लेकर अन्य मांगे उठाते हुए कहा कि अब आंदोलन से लेकर राजनीति तक आर-पार होगा। इससे पहले उन्होंने रैली में मौजूद किसानों व अन्य लोगों से समर्थन लिया कि उन्हें राजनीति का रास्ता अपनाना चाहिए या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति हो या फिर आंदोलन सब कुछ आर-पार का होगा। इन दोनों मुद्दों पर उन्होंने हाथ खड़े करवा समर्थन लिया।

लोगों ने भी खुले दिल से समर्थन दिया तो गदगद हो उठे और बोले अब वे हर बाधा को पार लेंगे और किसानों के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यह अमीर-गरीब के बीच की खाई मिटाने का प्रयास है और उन्हें उम्मीद है वे सफल होंगे। चढूनी ने कहा कि आज देश के नौ लाख लोगों के पास 50 करोड़ लोगों के बराबर की संपत्ति  है। 23 करोड़ लोग भूखमरी के कगार पर है।  38 बेरोजगार हर रोज आत्महत्या कर रहे हैं। युवा रोजगार न मिलने पर विदेशों में पलायन कर रहे हैं। अब देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों की जमीनें भी उद्योग जगत को देने की तैयारी है जबकि किसानों के पास किसानी के लिए मुकिश्ल से ही 10 वर्ष बचे हैं। इसके बाद बड़ी कंपनियां ही खेती करेंगी।

यह धर्मयुदद् होगा, जिसकी शुरूआत कुरुक्षेत्र से हुई : धर्मेंद्र यादव
उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के भतीजे सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि किसानों का सत्ता तक पहुंचना बेहद आवश्यक है और इसमें उनकी पार्टी साथ खड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह किसानों का धर्मयुद्द है और महाभारत भी कुरुक्षेत्र में हुआ और इस युदद् की शुरूआत भी यहीं से हो रही है। इसमें धर्म की जीत होगी। किसानों के पहले कई बड़े आंदोलनों की शुरूआत भी यहीं से हुई थी और सफल भी हुए। उन्होंने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी चाहेंगे तो उनकी पार्टी उन्हें हरियाणा से भी मौका देने को तैयार है।

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