एलएनजेपी अस्पताल के कैंसर विभाग में ओपीडी सेवाएं पुन: शुरू होने से कैंसर रोगियों को थोड़ी राहत मिली है। कैंसर के भयंकर दर्द से निजात पाने लिए अब कुरुक्षेत्र ही नहीं कैथल, करनाल और यमुनानगर से भी कैंसर रोगी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां कैंसर रोगियों को उचित परामर्श और कीमोथेरेपी के साथ-साथ हायर पैनकिलर यानी मॉर्फिन (दवा व इंजेक्शन), कोडिन, फ़ेंटेनाइल पैच और व्युपिनोरफिर दवा निशुल्क दी जा रही है।
दरअसल, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश सभ्रवाल का कैथल तबादला होने के बाद से कैंसर रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई थी। उपचार के लिए मरीजों को निजी अस्पताल और पीजीआई चंडीगढ़ व रोहतक की ओर रुख करना पड़ गया था। लेकिन डॉ. रमेश सभ्रवाल की सोमवार और वीरवार को ओपीडी पुन: शुरू होने के बाद कैंसर रोगियों को राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हर साल करीब एक हजार व्यक्ति कैंसर रोग से पीड़ित मिल रहे हैं। अभी कुरुक्षेत्र में तीन हजार से अधिक लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं।
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश सभ्रवाल का कहना है कि उनके पास 450 से अधिक कैंसर रोगी पंजीकृत हैं, जिनका एलएनजेपी अस्पताल से उपचार चल रहा था। रोजाना 30 से 35 मरीजों की ओपीडी होती थी, लेकिन कैथल तबादला होने के कारण मरीजों ने अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना शुरू कर दिया था, लेकिन अब सप्ताह में दो दिन ओपीडी शुरू होने के बाद उपचार कराने पहुंच रहे मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है।