चालीस दिन बाद सोमवार को कुरुक्षेत्र जिला फिर से कोरोना संक्रमण मुक्त हो चुका है, लेकिन अब डेंगू ने बुरी तरह जकड़ लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने 8 नए डेंगू संक्रमित मरीजों की पुष्टि की है। जिले में अब तक 101 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। जिले में बढ़ते डेंगू के प्रकोप ने हालात बिगाड़ दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 592 संदिग्ध डेंगू पॉजिटिव मरीजों की जांच की गई है, जबकि 113 सैंपल सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने एकत्रित किए हैं, जिनकी जिला मलेरिया विभाग की लैब में जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिलेभर के सरकारी व निजी अस्पतालों में मात्र 10 डेंगू पॉजिटिव मरीज उपचाराधीन हैं। इनमें से 8 मरीज नए हैं, लेकिन संदिग्ध डेंगू के चलते अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। जितना गहरा डेंगू का डंक होता जा रहा है। वैसे-वैसे डेंगू संक्रमितों के लिए प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ रही है। निजी ब्लड बैंक में 11-11 हजार रुपये देने के बावजूद भी प्लेटलेट्स नहीं मिल रही। ऐसे में तीमारदारों को प्लेटलेट्स के लिए आस पास के जिलों में भटकना पड़ रहा है।
उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि कुरुक्षेत्र को 40 दिनों के दोबारा कोरोना के संक्रमण से मुक्ति मिल गई है। पिछले महीने भी 14 सितंबर को कुरुक्षेत्र जिला कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो गया था। जिले में सभी 21 हजार 789 कोरोना पॉजिटिव मरीजों रिकवरी हो चुके हैं। जिले में इस स्थिति को बरकरार रखने के लिए आमजन को सतर्क रहकर प्रशासन का सहयोग करना होगा। इसके लिए सभी को कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। कुरुक्षेत्र में कोविड का पहला केस 6 अप्रैल 2020 को सेक्टर-7 से मिला था। इसके बाद कुरुक्षेत्र में 22 हजार 146 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली, जिसमें से 21789 पॉजिटिव मरीज ठीक हो चुके है और 357 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक लिए गए 543052 में से 520148 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। उन्होंने बताया कि आज 70 जगहों पर टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत जिले के अंतिम व्यक्ति तक को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 26 अक्तूबर को एलएनजेपी अस्पताल सहित 70 स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा और पहली तथा दूसरी डोज लगाई जाएगी।