फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पहुंचे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, कहा- अनुसंधान व तकनीक पर हो कार्य

Sat, 12 Aug 2023 02:33 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

राज्यपाल ने कहा की किसी भी देश के विकास में विश्वविद्यालय अभी तकनीकी संस्थान अहम भूमिका निभाते हैं तो वे युवाओं में नई वैज्ञानिक सोच भी पैदा करते हैं।इससे विज्ञान को बढ़ावा मिलता है और आम आदमी का जीवन सरल हो जाता है। केंद्र सरकार विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज देशभर के विश्वविद्यालय में तकनीकी संस्थानों को भविष्य को देखते हैं। नए अनुसंधान और तकनीक को बढ़ावा देना चाहिए वैज्ञानिक सोच बढ़ेगी तो देश ज्यादा और जल्द तरक्की करेगा। यह आह्वान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया। वे आज एनआईटी कुरुक्षेत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर शांति स्वरूप भटनागर के जन्मदिवस अवसर पर विज्ञान भारती एवं एनआईटी कुरुक्षेत्र के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय सेमिनार का शुभारंभ करने उपरांत संबोधित कर रहे थे। 

विज्ञापन


आम आदमी का जीवन सरल
राज्यपाल ने कहा की किसी भी देश के विकास में विश्वविद्यालय अभी तकनीकी संस्थान अहम भूमिका निभाते हैं तो वे युवाओं में नई वैज्ञानिक सोच भी पैदा करते हैं।इससे विज्ञान को बढ़ावा मिलता है और आम आदमी का जीवन सरल हो जाता है। केंद्र सरकार विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। यही कारण है कि वर्ष 2014 से अब तक एक लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा बजट रिसर्च पर खर्च किया जा चुका है।

हमारे वैज्ञानिक भक्षक प्रयास कर रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जय जवान जय किसान जय विज्ञान के नारे को आगे बढ़ते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान तक बढ़ाया है। जिससे बड़ी प्रेरणा युवाओं तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि आज हमारे वैज्ञानिक भक्षक प्रयास कर रहे हैं और उनका परिणाम भी मिल रहा है यही कारण है कि जिन चंद्रयान को अमेरिका व अन्य देश लाखों-करोड़ों पे खर्च कर अंतरिक्ष में भेज रहे हैं।
विज्ञापन


आज तक हम अंग्रेजों की गुलामी को छोड़ नहीं पाए
भारत के विज्ञानिक कई गुना कम खर्च पर यह काम कर दिखा चुके हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज तक हम अंग्रेजों की गुलामी को छोड़ नहीं पाए हैं और अंग्रेजी भाषा के बल पर ही हम अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने का प्रयास करते हैं लेकिन हमें इस सोच को बदलना होगा उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को भी देश के विकास के हर क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे।

केंद्र सरकार  महान वैज्ञानिकों के जन्मदिन पर कार्यक्रमों का आयोजन कर एक नई सोच पैदा करने में लगी और इस अभियान को आगे बढ़ाने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा की हमारे देश के वैज्ञानिकों ने अंग्रेजों की गुलामी के दौर में भी विपरीत हालात के बावजूद साहस दिखाते हैं निकॉन आविष्कार किया तो वहीं स्वतंत्रता के आंदोलन में भी तकनीक के जरिए अहम योगदान दिया। इस दौरान राज्यपाल ने एनआईटी की मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें