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Kurukshetra News: गांव बारना में डंपिंग स्थल बनाने पर उठे विरोध के स्वर, बंद करने का लिया फैसला

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फोटो 63
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- अधिकारियों से करेंगे बातचीत, बात नहीं बनी तो गांव में नहीं घुसने देंगे कूड़े की गाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गांव बारना में आठ एकड़ में बने डंपिंग स्थल को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसी को लेकर गांव की सिंहमार पट्टी चौपाल में एक पंचायत हुई। पंचायत में एक स्वर और मत से गांव बारना की जमीन में कूड़ा नहीं डालने का निर्णय लिया गया। इसे लेकर पहले अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी जाएगी। अगर इससे बात नहीं बनती तो कूड़े के डंपरों को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। उनको बाहर ही रोका जाएगा।
ग्रामीण लछमन दास, टेकचंद, सुरेश व काली राम ने बताया कि जिस स्थान पर यह कूड़ा डाला जा रहा है, इससे लगभग 200 मीटर दूरी पर डेरा रामनगर है। यहां कूड़ा डालना उचित नहीं है। वे इसे कतई सहन नहीं करेंगें। यदि प्रशासन द्वारा गंदगी को यहां डालना बंद नहीं किया गया तो ग्रामीण बड़ा कदम उठाने को तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि डंपिंग स्थल के इर्द गिर्द कई छोटे डेरे, कॉलोनी और रिहायशी मकान भी है। गांव से डंपिंग स्थल ज्यादा दूर नहीं है। इससे इस इलाके में बीमारी फैलने का डर लोगों को अभी से सताने लगा है। अभी तो कुछ ही टिप्पर गंदगी लेकर यहां आ रहे हैं। आरोप लगाया कि इसमें मृत पशु भी लाए जा रहे हैं जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। इस मौके पर पंच जिंदर, सुंदर लाल, पंच बंसीलाल, सिंदरपाल, मोहित पाराशर, सतपाल, सत्यवान, बब्ली सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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पंचायत ग्रामीणों के साथ
सरपंच प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने बताया कि गांव में शहर का कूड़ा डालना उचित नहीं है। इस बारे में प्रशासन ने पंचायत से कोई बातचीत नहीं की है। प्रशासन को गांव में डंपिंग स्थल बनाने से पहले पंचायत और ग्रामीणों से मशवरा करना चाहिए था। वह पूरी तरह से ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। ग्रामीण चाहें तो इसे बंद करवा दें। वहीं पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सतपाल सिंहमार व टेकचंद बारना ने भी गांव में गंदगी डाले जाने का विरोध जताया।
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