सरकार सूरजमुखी की फसल एमएसपी पर खरीद करे, नहीं तो सोमवार को पिपली अनाजमंडी में होने वाली महारैली में दिल्ली आंदोलन से भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदार सरकार ही होगी। एमएसपी दिलाओ किसाना बचाओ महारैली में हरियाणा ही नहीं पंजाब, दिल्ली, राजस्थान व उत्तरप्रदेश सहित अन्य विभिन्न प्रदेशों से भी लाखों किसान पहुंचेेगे। सरकार ने पुलिस बल के जरिए किसानों को महारैली में आने से रोकने का प्रयास किया तो भी किसान किसी भी सूरत में नहीं रुकेंगे। बल प्रयोग किया गया तो इसका भी मौके पर ही जवाब दिया जाएगा।
यह ऐलान रविवार को धरना स्थल पर ही किसान नेताओं ने पत्रकारों से चर्चा में किया। इस दौरान भाकियू चढूनी गुट के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने कहा कि सरकार एमएसपी तोड़ना चाहती है, लेकिन यह पहला कदम ही कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
एसएसपी को लेकर सरकार के खिलाफ जो भी फैसला होगा व रैली में उपस्थित लाखों किसानों के बीच में लिया जाएगा। यमुनानगर प्रधान संजू कुमार और अर्शदीप चढूनी ने कहा कि प्रशासन बेशक कोई भी हथकंडा अपनाए, लेकिन किसान अब रूकने वाले नहीं है और जहां भी प्रशासन किसानों को रोकेगा तो किसान वहां जीटी रोड जाम करने जैसा फैसला ले सकते हैं। उन्होंंने कहा कि किसान एमएसपी के अलावा भावांतर पर सूरजमुखी नहीं बेंचेंगे।
कर्म सिंह मथाना ने कहा कि एमएसपी पूरे देश के किसानों का मुद्दा है इसलिए देश के सभी किसान संगठनों को इस रैली की कॉल दी हुई है। उन्होंने कहा कि रैली जरूर होगी और अगर इस रैली से पहले सरकार एमएसपी लागू करती है तो रैली के माध्यम से आभार जताया जाएगा। पत्रकारवार्ता में विशेष रूप से यमुनानगर जिला प्रधान संजू कुमार, सुमन हुड्डा, चितवन गोदारा, शहीद भगत सिंह किसान यूनियन कुरूक्षेत्र के प्रधान संजू कुरूक्षेत्र, अर्शदीप चढूनी, हरकेश खानपुर, पवन बैंस मौजूद रहे।
पुलिस की सख्ती नहीं हो पाएगी कामयाब: हुड्डा
पत्रकारवार्ता में किसान नेत्री सुमन हुड्डा ने कहा कि रैली से पहले पुलिस किसान नेताओं की गिरफ्तारियां भी कर सकती है, लेकिन उससे निपटने के लिए भी रणनीति बनाई जा चुकी है। किसान हर हालत में रैली में पहुंचेंगे।
160 सीआरपीसी के तहत भेजे जा रहे किसानों को नोटिस
भाकियू लिगल टीम की सदस्य चितवन गोदारा ने कहा कि किसानों को रैली में आने से रोकने के लिए उनके पास 160 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं, जोकि बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि गुरनाम सिंह चढूनी ने बेल लेने से इंकार दिया है और वह चाहते हैं कि बेशक वह जेलों में बंद है, लेकिन एमएसपी के लिए सड़कों पर इंकलाब आना चाहिए।
रैली में न जाने की पुलिस कर रही अपील
वहीं किसानों को 12 जून की रैली में जाने से रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन द्वारा अपील की जा रही है। डीएसपी रणधीर सिंह ने कहा कि थाना प्रभारी राजपाल व प्रशासन की टीम ने धरने पर किसानों के बीच पहुंची और उनको रैली में न जाने की अपील की गई है।