संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की नई गाइडलाइन के तहत कल से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित जिलेभर के राजकीय व निजी 15 महाविद्यालयों सहित सभी शिक्षण संस्थान खुलने जा रहे हैं। शिक्षण संस्थान खुलने से जहां विद्यार्थियों में उत्साह है, वहीं विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के मुखियों का कहना है कि वे पूरी तरह से तैयार हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन कराने के साथ-साथ फरवरी, मार्च में होने वाली परीक्षाओं से पहले पाठ्यक्रम पूरा कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसी संदर्भ में रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना में कहा गया कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विभाग, महाविद्यालय,संस्थान और विश्वविद्यालय की पुस्तकालय को एक फरवरी से ऑफलाइन कक्षाओं के लिए अपेक्षित सामाजिक दूरियों के मानदंडों, नियमित स्वच्छता और कोविड-19 के उपयुक्त व्यवहार मानदंडों को अपनाते हुए खोले जाएंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. दीपक राय ने बताया कि विश्वविद्यालय की पूरी तैयारियां हैं। सरकार की गाइडलाइन के तहत विवि परिसर को खोला जहा कि यूटीडी, संस्थान व महाविद्यालय के सभी डीन, अध्यक्ष, निदेशक व प्राचार्य 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी छात्रों को ऑफलाइन कक्षाओं में भाग लेने के दौरान टीकाकरण की कम से कम पहली खुराक लेने की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी लोग कोविड दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगे।
दयानंद महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विजेश्वरी शर्मा का कहना है कि पहली फरवरी से पूरी तैयारी के साथ महाविद्यालय खोलने के लिए वे तैयार हैं। सभी छात्राओं को संदेश भी भेजा गया है। खोलने से पहले महाविद्यालय परिसर को सैनिटाइज कराया जाएगा। महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों को कोरोना रोधी वैक्सीन लग चुकी है। सभी छात्राओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया सभी विषयों का 90 फीसदी पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है। उनका प्रयास है कि परीक्षाओं से पहले पाठ्यक्रम का दोहराव हो।
इंदिरा गांधी नेशनल महाविद्यालय लाडवा के प्राचार्य डॉ. हरिप्रकाश शर्मा का कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सेहत का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। महाविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के करीब एक हजार विद्यार्थियों के पास संदेश भेज दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि सभी विद्यार्थियों के लिए टीकाकरण का प्रमाणपत्र अनिवार्य है। टीकाकरण प्रमाणपत्र के बिना महाविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। महाविद्यालय कल से पूरी तैयारी के साथ खुलने जा रहा है।
राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी का कहना है कि उनकी ओर से महाविद्यालय खोलने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। छात्राएं सैनिटाइजर, मास्क, पानी की बोतल साथ लेकर आएंगी। टीकाकरण के प्रमाणपत्र बिना महाविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा। कोविड की नई गाइडलाइन के बारे में सभी छात्राओं को अवगत करा दिया है। बताया कि कोरोना काल में विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है, लेकिन महाविद्यालय के सभी शिक्षक पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
डीएवी महाविद्यालय पिहोवा के प्राचार्य डॉ. कामदेवा झा का कहना है कि महाविद्यालय में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जा रहा है। महाविद्यालय खोलने के लिए वे पहले से ही तैयार हैं। सभी शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के लिए मास्क अनिवार्य है। तापमान जांचने के बाद ही विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को महाविद्यालय में प्रवेश मिलेगा। महाविद्यालय परिसर को एक दिन पहले ही सैनिटाइज कराया जाएगा। सामाजिक दूरी के साथ ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जाएंगी।