फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शुष्क ठंड ने लोगों को कंपकंपाया, रहेगी बरकरार

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। धुंध के बीच सड़क से गुजरते वाहन। - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पहाड़ों पर बर्फबारी और सर्द हवाओं से मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को लाभ होगा, लेकिन सब्जियों को ठंड से बचाव के लिए विशेष ख्याल रखना होगा।
विज्ञापन

बीते दिनों हुई बारिश के बाद अब क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। सुबह से शाम तक धुंध और तेज हवा के कारण शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। शुक्रवार को भी सुबह दस बजे के बाद धुंध और कोहरे से थोड़ी राहत मिली, लेकिन सर्द हवा के कारण ठंड कम नहीं हुई। सुबह धुंध छाए रहने से सड़कों पर वाहन रेंगते दिखाई दिए। कई जगह सड़कों से गायब सफेद पट्टी के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। उधर शहर में जगह-जगह लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए। दोपहर बाद सूर्य देव ने दर्शन दिए लेकिन कुछ समय के बाद बादलों में जा छिपे। वहीं बाजारों में मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर चहल-पहल रही। ब्रह्मसरोवर पर भी लोग टहलते नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड का प्रकोप अभी कुछ दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से आवश्यक एहतियात बरतने की अपील की है।
इस संबंध में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक सीबी सिंह का कहना है कि गन्ने व गेहूं की फसल को ठंड से फायदा होगा, जबकि आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च आदि सब्जियों की फसल को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि शाम 7 बजे के बाद यदि हवा चलनी बंद होगी तो रात को पाला पड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। पाला पड़ने का समय रात 12 से 2 बजे तक का होता है। सब्जी की फसल को पाले से बचाने के लिए उसके पास पराली या कचरे से धुआं किया जा सकता है, जिससे सब्जी की फसल प्रभावित नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें