पवित्र ब्रह्मसरोवर लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। देश विदेश से हर माह यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं आते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की नाक तले ही इस ब्रह्मसरोवर की पवित्रता भंग हो रही है। बुधवार रात्रि ब्रह्मसरोवर के तट पर तीन युवक मदिरा का सेवन करते नजर आए।
इन युवकों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे शेयर कर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। नियमानुसार सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीना प्रतिबंधित है, लेकिन धर्मनगरी में पवित्र ब्रह्मसरोवर पर पुलिस की नाक नीचे सरेआम जाम छलकाए जा रहे हैं।
हैरानी की बात है कि ब्रह्मसरोवर पर 24 घंटे पर्यटन पुलिस तैनात रहती है, बावजूद इसके युवक सरेआम सरोवर के तट पर बैठ कर शराब पी रहे थे। इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात यह है कि जहां ये युवक बैठकर शराब पी रहे थे उसके बिल्कुल सामने केयूके आदर्श थाना है, जिसका दरवाजा ब्रह्मसरोवर परिसर के अंदर भी खुलता है। ऐसे में जहां ब्रह्मसरोवर की पवित्रता भंग हो रही है वहीं पुलिस प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
करीब पौने दस बजे सरोवर के किनारे बैठ शराब पीते युवकों की जब एक व्यक्ति वीडियो बनाने लगा तो वे चेहरा छिपाते केयूके थाने की ओर गए वहां से बाहर निकल गए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद था। मामले में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता का कहना है कि यह मामले उनके संज्ञान में नहीं है। वह मामले की जानकारी जुटाकर जो उचित कार्रवाई होगी करेंगे।
ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान पंडित पवन शास्त्री ने कहा कि ने कहा कि ब्रह्मसरोवर के किनारे बैठ इस प्रकार मदिरा का सेवन करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। इसकी हम घोर निंदा करते हैं। इस पाप को करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
केयूके थाना प्रभारी राजपाल ने कहा कि फिलहाल इस मामले में उनके पास किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। किसी ने ब्रह्मसरोवर की पवित्रता भंग की है तो उसके खिलाफ कानून कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पर्यटन पुलिस प्रभारी विनोद ने कहा कि ब्रह्मसरोवर पर 13 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी है। दिनरात गश्त भी होती है। ब्रह्मसरोवर की चार किलोमीटर की परिधि है। इसमें राउंड लगाकर जब पुलिसकर्मी आकर बैठते हैं तो ऐसे में पता नहीं चल पाता कि कब कौन यहां आकर बैठक गया।