ग्रामीण क्षेत्र से होकर पिहोवा, कौल, झांसा, लाडवा, इस्माईलाबाद व कैथल की ओर जाने वाली रोडवेज की छह बसें कोरोना काल के बाद से बंद हैं। इन बस के बंद होने से हजारों ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर शहर में पढ़ने आ रहे छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा हैं। रोडवेज सेवा बंद होने से निजी वाहन चालक मनमर्जी का किराया वसूल रहे हैं। दूसरा इनका कोई निश्चित टाइम-टेबल भी नहीं है, जिस कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इन रूट पर चलने वाली बस रोजाना कम से कम दो चक्कर लगाती थी। इन रूट पर दोबारा रोडवेज सेवा शुरू करने के लिए ग्रामीण काफी समय से मांग कर रहे हैं, मगर कोरोना के हालात सामान्य होने के बाद भी रोडवेज विभाग की ओर से यहां दोबारा बस सेवा शुरू नहीं की गई है। लिहाजा, जहां ग्रामीण अपने काम धंधे पर देरी से पहुंच रहे हैं वहीं छात्रों की पढ़ाई का सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। विशेष स्कूल व कॉलेज के बाद कोचिंग लेने वाले छात्र बेहद मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
पिहोवा के लिए दो बस, जिनमें पहली बस वाया थानेसर, बाहरी मोहल्ला, जोगनाखेड़ा, दबखेड़ी, बलाही, बगथला, छैलों, सुरमी, चनालहेड़ी, तलहेड़ी, टिकरी व भट्ट माजरा से पिहोवा पहुंचती थी। इस बस का रात्रि ठहराव गांव बखतला में होता था। सुबह फिर इस रूट से बस वापस कुरुक्षेत्र आती थी। दूसरी बस वाया थानेसर, भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ी, बचगावां, हसनपुर, संतोखपुरा, लुखी, चकचकातियां, बचकी, कैंथला, मलिकपुर, टीकरी, भट्ट माजरा से पिहोवा पहुंचती थी। वहीं कुरुक्षेत्र से कौल के लिए वाया मिर्जापुर, खानपुर, कमोदा, बारना, हथीरा व रायसन से होती हुई कौल पहुंचती थी और कौल में रात्रि ठहराव के बाद सुबह इसी रूट से वापस आती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से झांसा के लिए वाया भिवानी खेड़ा, घमूरखेड़ी, बचगावां व बोगपुर से झांसा और रात झांसा में रुकने के बाद सुबह कुरुक्षेत्र पहुंचती थी।
कुरुक्षेत्र से उमरी व गादरी से होते हुए केवल एक बस लाडवा आती थी। यह बस ही एक दिन में तीन चक्कर लगाती थी। इसी तरह कुरुक्षेत्र से वाया ठोल व इस्माइलाबाद की ओर जाने वाली कुल 8 बस चलती थी, अब मात्र चार ही रही हैं।
कुरुक्षेत्र डिपो में कुल 101 बसें हैं, जिसमें 90 बसें ऑन रूट है, जबकि 16 बस किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं।
लोकल रूट पर चल रही 45 बस : अरजेश कुमार
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नए बस स्टैंड पर ड्यूटी इंस्पेक्टर अरजेश कुमार ने बताया कि कोरोना की वजह से जो बस बंद हुई थी उसमें करीब-करीब सभी बस चल रही हैं। लोकल रूट पर 45 बस चलती हैं। सिर्फ पांच-छह बस ही नहीं चली है। हाल ही में भूस्तला के लिए एक बस चलाई गई थी, लेकिन सवारी कम होने के कारण उसे बंद करना पड़ा।
सभी लोकल रूटों पर चलाई जाएंगी बस : अशोक मुंजाल
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जीएम अशोक के मुंजाल ने बताया कि जल्द ही बंद रूट पर सभी बस चला दी जाएगी। इसके अलावा एक-दो लोकल रूट पर गांवों के रास्ते संकरे होने के कारण बस नहीं चलाई जा रही। रोडवेज की कोशिश है कि सभी रूट पर बस चलाई जाए।