केंद्र सरकार ने आमजन मानस के लिए 125 और अल्पसंख्यकों के लिए 12 सहित 137 योजनाएं लागू की है। इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक गांव तक पहुंचाना होगा। इसके लिए प्रशासन और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। अहम पहलू यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से सिख समुदाय के 29 बड़े कार्यों को पूरा करवाया जा चुका है, यह तो महज एक शुरुआत है, अभी बहुत से कार्यों को पूरा करवाना है। यह कहना है केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह का।
12 विशेष योजना
जिला सचिवालय में एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के मन से डर निकालने का प्रयास इस सरकार ने किया है। इस सरकार ने अल्पसंख्यकों के हित को जहन में रखते हुए अलग से 12 विशेष योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इन योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यकों को उनके अधिकारों के अनुसार लाभ दिया जा रहा है।
अब से पहली सरकारों में अल्पसंख्यक समुदाय केा डरा कर रखा जाता था और उनके लिए कोई भी योजना लागू नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय को पूरा मान-सम्मान देने का काम किया। समाज में अल्पसंख्यकों को लेकर जो भ्रांतियां थी, जो असमानता थी, जो भी विषय थे, उनको वर्तमान सरकार ने दूर करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आमजन के लिए जो 137 योजनाएं तैयार की है, उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करना है, इसके लिए प्रशासन को विशेष फोकस रखना होगा। इसके अलावा प्रशासन को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का विभिन्न योजनाओं के लिए पंजीकरण करना होगा, मुसलमानों को कब्रिस्तान बनाने के लिए जगह देनी होगी और पंजाबी भाषा को विशेष तवज्जों देनी होगी।
पंजाबी भाषा को राजकीय और निजी स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग पंजाबी भाषा का ज्ञान अर्जित कर सके। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय या फिर हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी के सहयोग से पंजाबी विषय पर एक सेमीनार का आयोजन करना चाहिए। इस सेमीनार में पंजाबी भाषा को लेकर मंथन करना चाहिए। इतना ही नहीं अल्पसंख्यक समाज के लोगों को मॉनियोरिटी सर्टीफिकेट बनवाना चाहिए ताकि इस सर्टीफिकेट के आधार पर सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
चेयरमैन ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा से सिख समाज का इतिहास जुड़ा हुआ है। इस इतिहास को जानने और आत्ममंथन करने की जरुरत है। सरकार ने अभी हाल में ही यूनिफार्म सिविल कोड के लिए आगामी 15 दिनों तक सुझाव मांगे है। इसके लिए अब तक 50 लाख लोगों ने अपने सुझाव दिए है। उन्होंने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर अपने सुझाव दे। इस देश के विकास को ओर आगे ले जाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और सरकार के हाथ मजबूत करने होंगे।