मार्केटिंग बोर्ड द्वारा राईस मिलों में बार-बार छापामारी कर मिलरों को बेवजह तंग करने की बात कहकर राइस मिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आपातकालीन बैठक बुलाई। इस दौरान मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए मामले की शिकायत प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन से की है। जिस पर प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला व प्रधान हंसराज सिंगला ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों द्वारा बार बार राईस मिलरों को तंग करने की निंदा की।
राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान मोहन गर्ग ने बताया कि मार्केटिंग बोर्ड की टीम द्वारा शुक्रवार को अचानक तीन राईस मिलों की चेकिंग की। इसके अलावा एक राइस मिल में तो तीसरी बार चेकिंग की जा रही है और राइस मिल मालिक को धमकाया जा रहा है कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।
छापामारी की आड़ में राईस मिलरों का शोषण किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल ने बताया कि राईस मिलरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राईस मिलरों को बेवजह तंग करने के खिलाफ प्रदेश के सभी राईस मिलर एकजुट है। उन्होंने कहा कि हर रोज की छापामारी से आहत होकर वे राइस मिल की चाबियां मुख्यमंत्री को सौंपने को तैयार हैं, लेकिन बार बार शोषण सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले को मार्केटिंग बोर्ड के सीए विनय सिंह के समक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरे मामले को हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता व अंबाला के विधायक असीम गोयल के समक्ष भी रखा है। अगर मामले पर जल्द ही संज्ञान नहीं लिया तो वे राईस मिलों को बंद कर सीएमआर के चावल की डिलीवरी भी बंद कर देंगे। इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव अंकुर कुमार से बात कि तो उन्होंने बताया कि मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की एक टीम राईस मिलों में चेकिंग के लिए गई थी, लेकिन राईस मिलरों के विरोध करने पर चेकिंग रोक दी गई है। उन्होंने चैकिंग के लिए आलाधिकारियों की ओर से नोटिस आते हैं। उन्होंने बताया कि राईस मिलरों ने मामले को सीए मार्केटिंग बोर्ड के समक्ष रखा है जहां पर दोनों पक्षों को बुलाया गया है। जैसा अधिकारियों का आदेश होगा वह कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।