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सर्राफा व्यापारियों ने खींची तैयारी, अब ग्राहकों की बारी

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दिवाली पर्व को देखते हुए सर्राफा व्यापारियों की तैयारी पूरी है अब उनको सिर्फ ग्राहकों का इंतजार है। इस बार सर्राफा व्यापारियों को दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूरी कृपा बरसने की उम्मीद है। सोने व चांदी के सिक्के, लक्ष्मी, गणेश व सरस्वती जी की मूर्ति और चांदी के बर्तनों से खरीदारी चल पड़ी है। इस बार चांदी से बना तुलसी का पौधा आकर्षण बना हुआ। इसके अलावा इस बार शुद्ध चांदी से बनी कम वजन की लक्ष्मी जी की मूर्ति भी बाजार में मौजूद है। सर्राफा बाजार त्योहारों के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले साल बाजारों पर कोरोना महामारी का साया था, जिसका असर भी देखने को मिला था। स्वर्णकारों के अनुसार अभी लोगों ने सोने व चांदी की खरीदारी शुरू नहीं की है, जबकि पिछले सामान्य वर्षों में दिवाली व धनतेरस से चार-पांच दिन पहले सर्राफा बाजार में पांव रखने की भी जगह नहीं थी। अब की बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद है। हालांकि सोने का भाव ज्यादा होने के कारण चांदी की खरीदारी पर लोगों का फोकस रहेगा।
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सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि दिवाली को लेकर उनकी ओर से पूरी तैयारी है, बस अब ग्राहकों का इंतजार है। इस बार सोने की बजाय चांदी की खरीदारी पर लोगों का ज्यादा ध्यान रहेगा, क्योंकि सोने का भाव उछाल मार रहा है।
अंबे ज्वेलर्स के संचालक एवं सुनार सभा के प्रधान तिलकराज सहगल ने बताया कि इस दिवाली शुद्ध व कम वजन वाली चांदी की मूर्तियां उपलब्ध हैं। पिछली साल की अपेक्षा इस बार कारोबार बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि इस बार बाजार पिछले साल की तुलना में ज्यादा खुला है।
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नीलकंठ ज्वेलर्स संचालक विरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि इस दिवाली चांदी से बने तुलसी के पौधे पहली पसंद बने हुए है। कई लोग इसकी खरीदारी कर चुके है। दिवाली से पहले इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
आरके ज्वैलर्स के संचालक विकास गुप्ता ने बताया कि बाजार अच्छा रहने की उम्मीद है। जहां पहले लोग खूब सोने व चांदी के सिक्के और गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियां खरीद रहे थे इस बार कुछ माहौल दो साल पहले जैसा तो नहीं है, मगर दिवाली तक बाजार अच्छा रहने की आस है।
सुनार हरजीत सिंह ने बताया कि सोने के रेट बढ़ने की वजह से मार्केट पर थोड़ा असर है। हालांकि चांदी के रेट में भी कुछ इजाफा हुआ है, मगर इस बार लोगों का रुझान चांदी की तरफ ज्यादा रहेगा। अधिकतर सामान भी चांदी का ही बनकर मार्केट में आ रहा है।
स्वर्णकार अमित कुमार ने बताया कि इस दिवाली उन्हें काम खुलने की आस है। दिवाली सीजन पर चांदी के बर्तन आ गए हैं। कुछ लोग गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति बनाने की बुकिंग भी दे चुके हैं। पिछली साल से ज्यादा ग्राहक आ रहे हैं।
स्वर्णकार सुभाष गुप्ता ने बताया कि वे पिछले 20 सालों से बांबे आर्टिफिशियल ज्वैलर्स चला रहे हैं। बाजार के मूड का सही पता तो दिवाली से दो-चार दिन पहले पता चलेगा। हालांकि अभी भी लोग खरीदारी तो कर रहे है, मगर दिवाली तक बाजार उठने की पूरी आस है।
विशाल ज्वैलर्स के संचालक स्वर्णकार संजीव ने बताया कि दिवाली को देखते हुए दुकान में सारा स्टॉक तैयार कर लिया है। चांदी के सिक्के, गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति, चांदी का लोटा, लक्ष्मी व गणेश मुद्रित सोने व चांदी की रिंग दिवाली पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
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