कुरुक्षेत्र। अनाजमंडियों में खुले आसमान के नीचे अभी तक करीब 30 लाख क्विंटल गेहूं पड़ा है, जिस पर रविवार को भी खतरे के बादल मंडराते रहे। गनीमत रही कि बारिश नहीं हुई, लेकिन मौसम में बदलाव को देख किसानों व आढ़तियों की सांसें फूली रही।
बता दें कि अब तक जिला भर की अनाजमंडियों व खरीद केंद्रों पर करीब 55 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। रविवार को भी करीब 30 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई। एजेंसियों द्वारा रविवार तक 43 लाख 58 हजार 20 क्विंटल गेहूं खरीद किया गया, जिसमें 22 लाख 22 हजार 470 क्विंटल गेहूं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा तो 18 लाख 44 हजार 780 क्विंटल गेहूं हैफेड द्वारा खरीद किया गया। अन्य गेहूं निजी व्यापारियों द्वारा खरीदा गया। उठान एजेंसियां रविवार तक महज 25 लाख 20 हजार 720 क्विंटल गेहूं का उठान कर पाई है।
घटने लगी आवक तो मिलने लगी राहत
बता दें कि गेहूं का सीजन निपटने की ओर है। करीब 90 फीसदी गेहूं की आवक हो चुकी है। पूरे सीजन के दौरान उठान की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई, जिसके चलते खरीद शुरू होने के 23वें दिन भी करीब 30 लाख क्विंटल गेहूं उठान की बाट जोह रहा है। एक सप्ताह से लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। कई बार बारिश भी हो चुकी है तो वहीं किसान व आढ़ती अधिकारियों से उठान समय पर कराए जाने व कार्य में तेजी लाने की गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद उठान कार्य कछुआ चाल से ही किया जाता है। ऐसे में बदले मौसम के बीच किसानों व आढ़तियों में हर समय चिंता बनी रहती है। उधर, अब अनाजमंडियों में आवक कम होने लगी तो अधिकारी भी राहत महसूस करने लगे हैं और दावा किया जाने लगा है कि अब जल्द ही उठान कार्य निपटा लिया जाएगा।