शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान एक 11 वर्षीय बच्चे की मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ थाना कृष्णा गेट शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
उधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराने का आश्वासन दिया है। बच्चे की मौत होने से परिजन सदमे में हैं। सोमवार को दोपहर बाद बच्चे के शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
चौटाला मोहल्ला वासी अश्वनी ने थाना कृष्णा गेट पुलिस में दी शिकायत में बताया है कि रविवार को उनके 11 वर्षीय बच्चे दर्शित को बीमार होने पर शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। चिकित्सक ने तकरीबन पूरा दिन बच्चे को अपने क्लीनिक पर रखा दाखिल रखा। रविवार शाम को ही वह दर्शित को वापस घर ले आए थे। रात को ही दर्शित की तबीयत दोबारा से बिगड़ गई और वह उसे शहर के अन्य निजी अस्पताल ले गए, जहां थोड़ी देर बाद इलाज के दौरान दर्शित ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि चिकित्सक ने इलाज में लापरवाही बरती, जिसके चलते ही उसके बेटे की मौत हुई है।
थाना कृष्णा गेट प्रभारी मलकीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने दर्शित के पिता अश्वनी ने एक निजी क्लीनिक के चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट से बच्चे की मौत के कारण का खुलासा होगा। बताया कि ऐसे मामलों में सिविल सर्जन द्वारा जांच के लिए कमेटी गठन करने का प्रावधान है। पुलिस इस मामले में मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल के सिविल सर्जन से एक पैनल बनाने की सिफारिश करेगी। सिविल सर्जन की अगुवाई में गठित कमेटी ही इस सारे मामले की जांच कर पता लगाएगी कि किस स्तर पर उपचार के दौरान चिकित्सक द्वारा लापरवाही बरती गई है। आगामी कार्रवाई इस कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।