हरियाणा के सिरसा के गांव चौटाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सुविधाएं दिलाने को लेकर ग्रामीणों ने सीएम सिटी करनाल में पिछले तीन दिनों से डेरा डाला हुआ है। सोमवार को सरकार की ओर से डेपुटेशन पर कुछ डाक्टरों को भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने इसे खारिज कर दिया। साथ ही स्थानीय नियुक्ति की मांग की है।
एक दिन पहले चौटाला गांव से आए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें काफी पीछे रोक दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने वहीं पर धरना और प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर सभी को बस में भरकर उन्हें कलंदरी गेट पर छोड़ दिया था। देर शाम मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला से ग्रामीणों की मुलाकात करवाई गई और उन्होंने ज्ञापन सौंपा।
सीएम प्रतिनिधि ने ग्रामीणों को दो दिन में मुख्यमंत्री से मिलवाने का वादा किया है। ऐसे में फिलहाल ग्रामीण डेरा कार सेवा में ठहरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दो दिन के अंदर मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिलते हैं और मिलकर उनकी मांगों को नहीं मानते हैं तो वे करनाल में ही आमरण अनशन शुरू कर देंगे। क्योंकि वे गांव में बोल कर आए हैं कि अगर सुविधा नहीं मिली तो वे गांव वालों को अपना मुंह नहीं दिखाएंगे।
तिरंगे के नीचे शुरू किया था धरना
ग्रामीण कॉमरेड राकेश फगोडिया ने बताया कि गांव में चार बच्चों की मौत होने से आहत होकर उन्होंने ग्रामीणों संग शांतिपूर्वक तरीके से अनशन शुरू कर किया था। इस दौरान काफी घटनाक्रम सामने आए कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन न तो कार्रवाई हुई और न ही डॉक्टरों की नियुक्त हो पाई। जिसके बाद लगातार 21 दिन धरना करने के बाद उन्होंने चौटाला गांव से 15 सदस्यों का एक दल जन चेतना यात्रा शुरू की और 12 दिन बाद करनाल पहुंचे। जहां पर अभी तक ओएसडी से वार्ता हुई है और वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं, जिससे उनकी मांगों पर जल्दी से कार्रवाई हो सके।