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Haryana: डेपुटेशन पर डॉक्टरों की तैनाती से सहमत नहीं चौटाला के ग्रामीण, CM सिटी में डाला डेरा

Tue, 03 Jan 2023 08:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)

सार

चौटाला के ग्रामीण बोले कि दो दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि गांव में बोलकर आए हैं कि अगर सुविधा नहीं मिली तो अपना मुंह नहीं दिखाएंगे। करीब दो माह पहले डॉक्टरों के न चलते चार नवजातों की मौत हो गई थी। 21 दिसंबर से 12 दिन पैदल जन चेतना यात्रा चलकर करनाल पहुंची है।
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जानकारी देते चौटाला गांव से आए ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सिरसा के गांव चौटाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सुविधाएं दिलाने को लेकर ग्रामीणों ने सीएम सिटी करनाल में पिछले तीन दिनों से डेरा डाला हुआ है। सोमवार को सरकार की ओर से डेपुटेशन पर कुछ डाक्टरों को भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने इसे खारिज कर दिया। साथ ही स्थानीय नियुक्ति की मांग की है। 

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एक दिन पहले चौटाला गांव से आए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें काफी पीछे रोक दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने वहीं पर धरना और प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर सभी को बस में भरकर उन्हें कलंदरी गेट पर छोड़ दिया था। देर शाम मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला से ग्रामीणों की मुलाकात करवाई गई और उन्होंने ज्ञापन सौंपा।

 

सीएम प्रतिनिधि ने ग्रामीणों को दो दिन में मुख्यमंत्री से मिलवाने का वादा किया है। ऐसे में फिलहाल ग्रामीण डेरा कार सेवा में ठहरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दो दिन के अंदर मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिलते हैं और मिलकर उनकी मांगों को नहीं मानते हैं तो वे करनाल में ही आमरण अनशन शुरू कर देंगे। क्योंकि वे गांव में बोल कर आए हैं कि अगर सुविधा नहीं मिली तो वे गांव वालों को अपना मुंह नहीं दिखाएंगे।

तिरंगे के नीचे शुरू किया था धरना
ग्रामीण कॉमरेड राकेश फगोडिया ने बताया कि गांव में चार बच्चों की मौत होने से आहत होकर उन्होंने ग्रामीणों संग शांतिपूर्वक तरीके से अनशन शुरू कर किया था। इस दौरान काफी घटनाक्रम सामने आए कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन न तो कार्रवाई हुई और न ही डॉक्टरों की नियुक्त हो पाई। जिसके बाद लगातार 21 दिन धरना करने के बाद उन्होंने चौटाला गांव से 15 सदस्यों का एक दल जन चेतना यात्रा शुरू की और 12 दिन बाद करनाल पहुंचे। जहां पर अभी तक ओएसडी से वार्ता हुई है और वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं, जिससे उनकी मांगों पर जल्दी से कार्रवाई हो सके।

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ये हैं ग्रामीणों की मुख्य मांगें

  •  चौटाला गांव के उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला भर में 400 से अधिक नवजात व शिशुओं की गर्भ में मौत प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए।
  •  गांव के उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ लगाने, एमबीबीएस के रिक्त पदों को भरने, लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर लगाने सहित परेशन थिएटर एवं मोर्चरी को पुन: शुरू किया जाए।
  •  गांव सहित इलाके में चिट्टा, ड्रग सहित अवैध नशे के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
  •  डबवाली तहसील मुख्यालय सहित उप तहसील मुख्यालय में रजिस्ट्री, इंतकाल की एवज में कमीशन खोरी की लूट को बंद किया जाए।
  •  गांव में 19 हजार से अधिक रकबा होने के कारण पटवार भवन में पांच पटवारियों की नियुक्तियां की जाएं।
  •  गांव सहित इलाके की नहरो में पूरे सिंचाई पानी सहित गांव गांव में स्वच्छ पेयजल दिया जाए।
  •  गांव सहित इलाके में लंबित कृषि के नलकूप कनेक्शन दिए जाएं।
  •  गांव के पशु चिकित्सालय में वीएलडीए, वेटरनरी सर्जन लगाने सहित रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं।
  •  गांव में वर्षो से बंद पड़े बस अड्डे को सुचारू रूप से शुरू किया जाए।
  •  डबवाली के नौ गांव में भारतमाला में अधिग्रहण भूमि में बकाया संरचना अवार्ड जारी किया जाए। 
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