संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। किसान समूह के माध्यम से शहरी उपभोक्ताओं को सीधे किसान के खेत से ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जी मिलेगी। हॉर्टीकल्चर फार्मर्स प्रोड्यूसर (एफपीओ) किसान समूह ने पायलट परियोजना के तहत जिले में प्रथम बार ऐसा प्रयास किया है। प्रथम चरण में उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी से उपज प्रबंधन तथा बाजार लिंकेज के साथ टमाटर उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि पर काम शुरू किया गया है। जिले के चिन्हित गांवों में 55 किसानों का पंजीकरण कर उनके सौ एकड़ खेतों में टमाटर की फसल लगाई है।
एफपीओ के अध्यक्ष डॉ. डीएस मलिक व उपाध्यक्ष डॉ. एसपी तोमर ने बताया कि परियोजना में कलरी जागीर, धनौरा जागीर, कलरा, शेरगढ़ व पटहेड़ा सहित अन्य गांव जोड़े हैं। दिल्ली की डब्ल्यूआरएमएस कंपनी इस परियोजना में सहयोग कर रही है और तकनीक उपलब्ध करवा रही है। इसके तहत कलरी जागीर में मौसम स्टेशन की स्थापना करवा दी है। इसका दायरा 15 किलोमीटर क्षेत्र होगा। प्रत्येक पंजीकृत खेत की जीयो टैगिंग सीधी सेटेलाइट से जुड़ेगी। हर दिन किसान के खेत से ही उत्पाद उठाया जाएगा। दिल्ली, चंडीगढ़ व देहरादून की सब्जी मंडियों में से किसी एक मंडी का उस दिन का उपज का भाव किसान को दिया जाएगा। किसान का परिवहन खर्च बचेगा।
उन्होंने बताया कि किसानों के मोबाइल में फसल सुरक्षा की एप डाउनलोड करवा दी है। जिससे फसल में बीमारी व कीट का प्रारंभिक चरण में पता चलेगा। एफपीओ की फसल सलाहकार समिति किसान को सलाह देगी ताकि फसल में कीटनाशकों के अंश न आएं। मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही फसल में खाद का इस्तेमाल किया जाएगा। एप के माध्यम से किसानों को मौसम संबंधी जानकारी प्रेषित की जाएगी ताकि वे कार्ययोजना को अमल में लाएं। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से भी किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी।