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दो साल पुरानी किताबों से पढ़ेंगे राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। विद्यार्थी नई कक्षा में तो आ गए हैं, लेकिन उन्हें अभी नई पुस्तकें नहीं मिलेंगी। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले इन विद्यार्थियों को फिलहाल दो साल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी, क्योंकि अभी तक विभाग की ओर से किताबें भेजने के संदर्भ में कोई सूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर पारस्परिक आदान-प्रदान अभियान के तहत सीनियर विद्यार्थियों से जूनियर विद्यार्थियों को किताबें दिलवा दी हैं।
जो विद्यार्थी नई कक्षा में आए हैं, उन्हें जो पुरानी किताबें स्कूलों की ओर से दी गई हैं, वे साल 2020 बैच की किताबें हैं, क्योंकि 2021 में कोरोना के कारण विभाग की ओर से किताबें भेजी ही नहीं गई। किताबों की जगह विद्यार्थियों के खाते में पैसे डलवाए गए थे। इधर, विभाग का दावा है कि जल्द नई किताबें आएंगी। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किताबें आ सकती हैं। जिले के स्कूलों में पहली से आठवीं तक करीब एक लाख पांच हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
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पुरानी किताबें जमा कराने पर मिलेंगे दो अंक
निदेशालय ने नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें पास आउट विद्यार्थी सभी किताबें यदि स्कूल में जमा करवाते हैं तो उसे फाइनल परीक्षा में दो अंक अतिरिक्त दिए जाने के लिए कहा था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि पूरा साल विद्यार्थी किताबों की सही से देखरेख करें। अतिरिक्त अंकों के लिए विद्यार्थियों ने किताबें भी परीक्षाओं के बाद स्कूलों में जमा कराई।
काफी विद्यार्थियों ने अपनी किताबें जमा करा दी थी। नई कक्षा में दाखिला होते ही शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को पुरानी किताबों के सेट भी दिए जा रहे हैं। जब तक नई किताबें नहीं आतीं, तब तक इसी से विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे। उम्मीद है जल्द नई किताबें आ जाएंगी।
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- रोहताश वर्मा, जिला मौलिका शिक्षा अधिकारी
दसवीं और बारहवीं कक्षा का सत्र हुआ शुरू
करनाल। राजकीय स्कूलों में नया शिक्षा सत्र पहली अप्रैल से शुरू हो चुका है। केवल नौवीं और 11वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुआ था। ऐसे में इन दोनों कक्षाओं का परिणाम जारी करने के बाद मंगलवार से नया सत्र शुरू किया गया। इन कक्षाओं की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा यानी दसवीं और बारहवीं में दाखिला दे दिया गया। पहले दिन स्कूलों में इन कक्षाओं के विद्यार्थी खासे उत्साहित दिखे। जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी का कहना है कि बोर्ड की कक्षाएं होने से इनकी पढ़ाई को लेकर ज्यादा अलर्ट हैं। स्कूलों में पहले दिन समयसारिणी बनाई गई। विद्यार्थियों को उनके पीरियड समझा दिए गए। इसके अलावा सिलेबस पर भी चर्चा हुई। एक-दो दिन में कक्षाओं में पूरी तरह से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। ब्यूरो
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