इंद्री (करनाल)। हैफेड ने इंद्री में विभागीय लापरवाही से करोड़ों रुपये के गेहूं खराब होने के मामले में खाद्य निरीक्षक (एफआई) ईश्वर सिंह मोर और गुणवत्ता प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है। मुख्यालय से जारी आदेश में दोनों अधिकारियों को निलंबन के उपरांत मुख्यालय में रिपोर्ट करने को कहा है। निलंबित हुए एफआई ईश्वर सिंह मोर ने अपने निलंबन को अन्य अधिकारियों को बचाने के लिए की गई कार्रवाई करार दिया है। उनका कहना है कि जब उनके पास इंद्री का चार्ज ही नहीं था तो वह दोषी कैसे हो गए।
इंद्री में हैफेड एजेंसी द्वारा 2020-21 और 2021-22 में करीब 11 लाख बैग खुले में भंडारित किए गए थे। जिनमें से करीब 80 हजार बैग खराब होने का मामला सामने आया था। इतनी अधिक मात्रा में गेहूं कैसे खराब हुआ। जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी का गठन किया गया था। जिसके बाद कमेटी ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी तो मामले में एफआई ईश्वर सिंह मोर व क्वालिटी इंचार्ज अनिल कुमार को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
एफआई रीना को किया तैनात
हैफेड मुख्यालय ने एफआई रीना का सोनीपत से इंद्री केंद्र पर तैनाती दी है। उनका कार्य जीत राम सतपाल व भारत पलिंथ पर खराब हुए स्टॉक को अपग्रेड करवाने का रहेगा। एफआई रीना ने जुलाई 2020 में इंद्री केंद्र का कार्यभार संभाला था। जिसके बाद अगस्त 2021 में उनका ट्रांसफर सोनीपत हो गया था।
वर्जन : जानबूझकर नही लिया था चार्ज
गेहूं खराब होने के मामले में ईश्वर सिंह मोर व गुणवत्ता प्रभारी अनिल कुमार को मुख्यालय द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा जहां तक एफआई ईश्वर सिंह मोर की बात है तो इंद्री सेंटर पर उनकी तैनाती के ही आदेश थे। उन्होंने जानबूझकर स्टॉक का चार्ज नहीं लिया था। फिलहाल तो खराब गेहूं की अपग्रेडिंग का कार्य शुरू करा दिया है, जिससे हैफेड को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
अमित कुमार, डीएम हैफेड करनाल