माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शहीदों की गाथा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि नई पीढ़ी उन्हें जान सके और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़े। वे बुधवार को करनाल में निफा की ओर से शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह और रक्तदान शिविर में पहुंचे थे।
राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को शहीदों के पदचिह्नों पर चलते हुए सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 23 मार्च के दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव फांसी के तख्ते पर झूल गए थे। इसलिए हमारी युवा पीढ़ी को इतिहास को ज्यादा पढ़ना चाहिए। आजादी के दौरान जो शहीद हुए थे, उनकी जीवन गाथा भी पाठ्य पुस्तकों में होनी चाहिए। तभी प्रेरणा मिलेगी। मार्गदर्शन से ही आगे बढ़ सकते हैं। समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए युवा पीढ़ी को संस्कारित करना पड़ेगा।
जात-पात से ऊपर उठें
राज्यपाल ने कहा कि हर व्यक्ति विशेषकर युवाओं को देश सेवा के प्रति तत्पर रहना चाहिए। ऐसी सोच रखें कि राष्ट्र प्रथम है स्वार्थ द्वितीय है। जात-पात से ऊपर उठकर देश को आगे बढ़ाना चाहिए। देश की उन्नति में महिलाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की। विश्व में भारत की पहचान युवाओं के देश के रूप में है। देश में 35 वर्ष की आयु तक के करीब 65 करोड़ से अधिक युवा हैं, इस कारण देश में अथाह युवा एवं श्रमशक्ति विद्यमान हैं।