करनाल। जिले में मंडियों को जोड़ने वाली सड़कें जर्जर हालत में हैं, ऐसे में कैसे फसलें मंडी तक सुरक्षित पहुंच पाएंगी। जिले भर में मार्केटिंग बोर्ड के अधीन आने वाली खस्ता हाल सड़कों का खामियाजा आमजन हर रोज चोटिल होकर भुगत रहा है, अब किसानों को भी अपनी फसल को मंडी तक सुरक्षित पहुंचाना चुनौती होगी। बोर्ड की 388 सड़कों में से 200 से अधिक सड़कें निर्माण और मरम्मत का इंतजार कर रही हैं। लेकिन अधिकारी इस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। इन सड़कों पर गड्ढों के कारण अक्सर फसलें वाहन से गिर जाती हैं। वहीं ट्रैक्टर-ट्राली पलटने का खतरा भी बना रहता है। संवाद
इन हलकों इतनी सड़कें बोर्ड के अधीन
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में मार्केटिंग बोर्ड के अधीन 388 सड़कें हैं। जिनमें 200 से अधिक सड़कों में गड्ढे होने के कारण दयनीय हालत में हैं। बोर्ड के अधीन हलका असंध में 105, घरौंडा में 95, नीलोखेड़ी में 96, इंद्री में 81 व करनाल में 11 सड़कें हैं।
क्या सीजन के बाद होगी मरम्मत
ग्रामीण स्तर की स्थानीय सड़कें गांवों को मंडियों से जोड़ती हैं लेकिन अधिकतर सड़कें टूटी होने के कारण किसानों को हर साल मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। कई बार गहरे गड्ढों की वजह से ट्रैक्टर-ट्राली पलटने का अंदेशा बना रहता है। निसिंग में पिछले साल गड्ढों की वजह से ट्राली पलटने से किसान को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। अब क्या विभाग सीजन के बाद सड़कों की मरम्मत करवाएगा।
इन सड़कों को मरम्मत का इंतजार
असंध तरावड़ी निसिंग घरौंडा इंद्री
राहडा-अनाजमंडी सौंकडा-सांभी ब्रास-निसिंग कोहंड-कैमला नन्हेडा-बहरपुर
पंगाला-राहडा पखाना-सोलो नर्दक नहर औगंद कल्हेडी-पुंडरी गढ़ी बीरबल-यमुना घाट
मूंड-बाहरी तरावड़ी-लल्याणी बस्तली-ब्रास बडसत-कैमला शेखपुरा-मनक माजरा
असंध-बदराना नडाना-सौंकडा गुनियाना-ब्रास घरौंडा-राईपुरा जोहड माजरा-झिझरपुरी
रत्तक-पंगाला बीड डंडारी-पडवाला ब्रास-अमुपुर घरौंडा-पनौडी दरड-बड़ा गांव
चोचड़ा-पंगाला पडवाला-सग्गा औंगद-हथलाना
बाहरी-थेह बाहरी जुंडला-पिचौलिया
बारिश का मौसम लंबा चलने के कारण सड़कोें पर मरम्मत और निर्माण का कार्य सुचारु नहीं हो सका। अब मौसम साफ होने की संभावना है। जल्द सड़कों पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। किसानों और आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- विजेंद्र, एक्सईएएन मार्केटिंग बोर्ड करनाल