जिले में डीएपी खाद को लेकर शनिवार को भी मारामारी की स्थिति बनी रही। हालांकि शुक्रवार की 25320 क्विंटल (50640 बैग्स) डीएपी की एक रैक करनाल पहुंची थी लेकिन जीटी बेल्ट की कई जिलों में खाद की किल्लत है, जिससे इस रैक को कैथल, अंबाला, पानीपत, जगाधरी, कुरुक्षेत्र में वितरित की गई। करनाल जिले में सिर्फ 18000 क्विंटल डीएपी ही बची, जिसे सुबह से कई बिक्री केंद्रों पर बांटा गया। इसे लेकर भाई दूज के त्योहार पर भी बिक्री केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं, जिसमें कई महिला किसान भी लाइन में खड़ी दिखीं। शाम तक ही अधिकांश बिक्री केंद्रों पर खाद खत्म हो गई है।
इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. निरंजन सिंह ने बताया कि 50640 कट्टे डीएपी खाद की रैक शुक्रवार की रात पहुंची थी, लेकिन कई जिलों में बंट गई। फिर भी करनाल को 18000 कट्टे मिले हैं। जिन्हें इफ्को व सहकारी समितियों के बिक्री केंद्रों को दिया गया है। अगली रैक 10 से 12 नवंबर के बीच आने की संभावना है। इधर अनाज मंडी करनाल में इफ्को सेवा केंद्रों पर शनिवार को सुबह से ही किसानों की खाद लेने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इसमें कई महिला किसान भी खाद लेने पहुंची। खाद तो शाम तक समाप्त हो गई लेकिन सभी किसानों को खाद मुहैया नहीं हो सकी, जिससे किसानों में काफी आक्रोश दिखा। इससे पहले खाद पाने के चक्कर में कई बार विवाद भी हुए, जिससे यहां पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
-खाद आने की सूचना पर सुबह तड़के ही मंडी स्थित इफ्को सेवा केंद्र में आ गए थे। खाद की कमी बताकर एक-एक या दो-दो कट्टे खाद मिल रही है, ऐसे में गेहूं की बिजाई नहीं हो रही है।
जसवंत राय किसान शेखपुरा।
-गेहूं की बिजाई के साथ साथ आलू में भी डीएपी लगानी है, लेकिन खाद मिल ही नहीं पा रही है। सुबह से लाइन में खड़ा हूं। निजी दुकानदार एक कट्टे पर 300 से 500 रुपये अधिक ले रहे हैं। साथ में दवाई आदि भी लेने को विवश कर रहे हैं।
अशोक किसान माजरा।
एक खाते पर सिर्फ तीन कट्टे खाद दी
मूनक। शनिवार को सहकारी समिति में सिर्फ एक गाड़ी खाद पहुंचने की सूचना पर किसानों की लाइनें लग गईं। दोनों तरफ वाहन खड़े हो गए, जिससे रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
जगदीश राणा, भगतराम, ऋषि पाल राणा, शरणजीत ,वेद प्रकाश शर्मा, ईश्वर शर्मा, व प्रमोद राणा आदि किसानों ने बताया कि जरूरत से कम खाद मिलने के कारण हमें काफी दिक्कत हो रही है। सहकारी समिति पर एक खाते पर तीन कट्टे खाद दे रहे हैं। जिन लोगों का इसमें खाता नहीं है। उन्हें खाद नहीं मिल रहा व इधर उधर से ब्लैक में लेना पड़ रहा है। शाखा प्रबंधक श्याम लाल शर्मा ने बताया कि जैसे ही खाद आया, लोगों को फोन करके लोगों को सूचना दी। सभी खाताधारक को बराबर के हिस्से से खाद दिया गया।