संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज की जांच शुरू हो गई है। मामले में सोमवार को आयोग के चेयरमैन और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एसएन अग्रवाल करनाल पहुंचे और लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में किसानों के बयान दर्ज किए। 35 किसानों में से पहले दिन छह के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि शेष के बयान बुधवार, वीरवार और शुक्रवार को दर्ज होंगे। चेयरमैन के अनुसार जांच में करीब चार माह का समय लग सकता है। विदित हो कि इससे पहले एक माह की समय सीमा निर्धारित की गई थी।
लाठीचार्ज की जांच में बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को मूनक गांव के सात किसानों को बुलाया गया था, लेकिन किसी कारण से एक किसान नहीं आ सका। हर किसान से 20 से 30 मिनट तक चेयरमैन अग्रवाल ने बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें एक महीने का समय मिला था, लेकिन जिस तरह किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों- कर्मचारियों के बयान दर्ज करने हैं, ऐसे में चार माह का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल 35 किसानों के बयान दर्ज किए जाने हैं, लेकिन इस बीच जिन अन्य किसानों के नाम सामने आएंगे, उन्हें भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा।इसके तहत दो नवंबर को किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को बुलाया गया है। इसके बाद करनाल डीसी निशांत कुमार, एसपी गांगाराम पूनिया, एसडीएम आयुष सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यही नहीं जिन डॉक्टरों ने घायलों का इलाज किया और जो पत्रकार वहां मौजूद थे। उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
चेयरमैन ने किसानों से जाना पूरा घटनाक्रम
काछवा रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त जज एसएन अग्रवाल सुबह करीब 9 बजे पहुंच गए थे। इस दौरान बयान दर्ज कराने के लिए गांव मूनक निवासी हरविंद्र सिंह, अपार सिंह, दलेर सिंह, देवेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह रघुबीर सिंह व सहराज सिंह को बुलाया गया था। सहराज किसी कारण से पहुंच नहीं पाया।
किसानों ने बताया कि आयोग के चेयरमैन ने उनसे 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर हुए लाठी चार्ज के बारे में पूछा। उन्होंने पूरा घटनाक्रम उन्हें बताया, जो उनके सामने हुआ था। चेयरमैन ने पूछा था कि आप कैसे बसताड़ा टोल पर पहुंचे, किसने बुलाया था और वहां क्या हुआ, पुलिस का कैसा व्यवहार था, आप लोगों ने क्या देखा, कौन-कौन घायल हुआ था।