आढ़ती की आत्म हत्या के बाद कल्पना चावला मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम रूम के बाहर विलाप करते परिजन?
मूनक/करनाल। गांव बल्ला में एक आढ़ती ने जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। आत्महत्या से पूर्व आढ़ती ने छह पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने आठ लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। दो लोगों के खिलाफ मूनक थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
मृतक के भाई कर्मचंद गुप्ता ने बताया कि 41 वर्षीय दीपक गुप्ता करीब छह वर्षों से नरेला मंडी में आढ़त का काम करते थे। नरेला अनाज मंडी स्थित महालक्ष्मी एग्रो फर्म ने मंगलवार को उसके भाई दीपक गुप्ता की दुकान से धान की 850 बोरी खरीदी थी। जिसकी कीमत करीब 13 लाख रुपये बनी। जिसे महालक्ष्मी एग्रो ट्रेडिंग कंपनी ने देने से मना कर दिया।
महिंद्रा ट्रेडिंग कंपनी को उसके भाई दीपक गुप्ता ने कुछ रुपये देने थे। आरोप है कि जिनको लेकर महिंद्रा ट्रेडिंग कंपनी के मालिक विजय ने दीपक गुप्ता को जान से मारने की धमकी दी। अलीगढ़ के दो व्यापारी लोकेश व ताहिर राणा से भी मृतक दीपक गुप्ता ने करीब 55 लाख रुपये लेने थे। लेकिन ये दोनों व्यापारी काफी समय से पैसे नहीं दे रहे थे। इसके अलावा वीरेंद्र व शीलू से भी दीपक ने रुपये लेने थे। निर्धारित समय पर व्यापारियों से रुपये न मिलने के कारण दीपक गुप्ता परेशान चल रहा था। मृतक दीपक रुपये के लेनदेन को लेकर गांव से कई बार नरेला मंडी पंचायत भी लेकर गया था लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया था।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
23 दिसंबर दोपहर बाद उसके भाई ने घर पर ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसके भाई ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था। दीपक गुप्ता अपने पीछे एक 12 वर्षीय बेटा व 10 वर्षीय बेटी एवं पत्नी राजेश को छोड़ गया। लड़का मयंक छठी क्लास में पढ़ता है जबकि लड़की तमन्ना चौथी कक्षा की छात्रा है। दीपक के चले जाने से परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। बल्ला चौकी प्रभारी संदीप ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। सुसाइड नोट भी बरामद कर लिया है। फिलहाल दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी है।