जनवरी में दूसरी बार फिर मौसम के प्रभाव के चलते जिले की तीनों चीनी मिलों में गन्ना आपूर्ति टूटने की संभावना बन गई है। शनिवार पूरा दिन बूंदाबांदी के कारण गन्ना छिलाई नहीं हो सकी। फिलहाल मिलों के यार्ड में इतनी मात्रा में गन्ना बताया गया जिससे वे शनिवार रात को ही चल सकें। इसलिए पेराई की रफ्तार धीमी की गई ताकि गन्ना क्रम न टूटे। इससे पहले दस जनवरी को बारिश के चलते गन्ना कटाई व छिलाई नहीं हो पाने के कारण तीनों चीनी मिलें बंद करनी पड़ी थी।
नबीपुर गांव के किसान कमल कांबोज ने कहा कि लगातार बूंदाबांदी के कारण गन्ना छिलाई का कार्य नहीं हो पा रहा। गीले खेतों से गन्ने से लदी ट्रालियां भी नहीं निकाली जा सकती। दूसरी ओर मेरठ रोड स्थित सहकारी चीनी मिल में देर शाम तक करीब 13 हजार क्विंटल गन्ना उपलब्ध था। हैफेड चीनी मिल असंध में रात भर मिल चलाने के लिए गन्ना उपलब्ध बताया गया। यही स्थिति भादसों स्थित पिकाडली चीनी मिल की बताई गई। गन्ना प्रबंधक करतार सिंह का कहना है कि यदि लगातार मौसम खराब रहा तो मिल यार्ड में गन्ना नहीं पहुंच पाने पर मिल रोकने की संभावना बनेगी।
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तेज हवा से सरसों की फसल गिरी
जनवरी में बार-बार मौसम खराब रहने और बूंदाबांदी के चलते कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। चुंडीपुर गांव के प्रगतिशील किसान वेदपाल ने कहा कि आलू, मूली व गाजर की हारवेस्टिंग का काम रुक गया है। बारिश के साथ तेज हवा से सरसों की फसल खेतों में गिर गई है। यमुना इलाके में बेल वाली सब्जियां तरबूज, पेठा, घीया, तोरी, खीरा, करेला व टिंडा की नर्सरी तैयार है। इन फसलों की रोपाई में देरी होगी। भिंडी की बिजाई का समय नजदीक आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।