असंध। गांव राहड़ा में 10 मरले जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे व ईंटें चलीं। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर 4 मरले जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। चारों घायलों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से एक को करनाल रेफर कर दिया जबकि अन्य को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस जांच कर रही है।
एक पक्ष का आरोप
गंभीर रूप घायल शेर सिंह ने आरोप लगाया कि उसने करीब नौ माह पहले गांव निवासी श्यामसुंदर से बाड़े की जमीन खरीदी थी। जिसका नंबर 679 है। उसका इसी जमीन पर कब्जा है। उसने यहां अपनी किराने और दूध की डेयरी का काम शुरू किया है। इसी दुकान के पास मुख्य आरोपी बाबू और डाकिया का काम करने वाले रामबीर का घर है। वे दोनों उसे पहले भी धमकी देते थे कि उसने बिना पूछे यहां जमीन क्यों खरीदी। उसने इसको लेकर थाने में शिकायत दी है। मंगलवार सुबह वह और उसका चचेरा भाई मामचंद दुकान पर बैठे थे। मुख्य आरोपी बाबू और रामबीर अपने साथ 50-60 गंडासी-लाठी-डंडों से लैस लोगों को लेकर आ गए और दुकान पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोपियों ने उसके सिर पर गंडासी से वार कर दिया। हमले में मामचंद, भाई भूषण और भतीजे मुकुल भी चोटिल हो गए। सभी को इलाज के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से शेर सिंह की हालत गंभीर होने पर उसे करनाल रेफर कर दिया। अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
दूसरे पक्ष का आरोप
पुलिस जांच अधिकारी अमरजीत ने बताया कि शेर सिंह ने जो बाड़ा की जमीन खरीदी है। उसमें से 6 मरले की रजिस्ट्री ही शेर सिंह की माता के नाम हुई है। जबकि दूसरे पक्ष के प्रवीन ने आरोप लगाया कि शेर सिंह द्वारा 10 मरले पर कब्जा किया गया है। इसमें 4 मरले जमीन उनकी है। कई बार उन्होंने कब्जा छोड़ने को कहा लेकिन शेर सिंह जबरदस्ती कब्जा किए है इसी को लेकर झगड़ा हुआ है।
गांव राहड़ा में दो पक्षों में झगड़े की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। शेर सिंह की मां के नाम 6 मरले की रजिस्ट्री है। जबकि दूसरे पक्ष के प्रवीन ने बताया कि शेर सिंह द्वारा 10 मरले पर कब्जा किया गया है। विवाद में चार लोगों को चोटें आई हैं। एक घायल को करनाल रेफर किया गया है। तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत आई है। पुलिस जांच कर रही है।
-कमलदीप, असंध थाना प्रभारी