करनाल। गणतंत्र दिवस पर इस बार राजकीय स्कूलों में ध्वजारोहण के अतिरिक्त आम सभा का भी आयोजन होगा। जिसमें वार मेमोरियल पर आधारित वीर गाथाओं को बताने के अलावा शिक्षा विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) की ओर से प्रत्येक राजकीय स्कूल के लिए 500 रुपये का बजट आवंटित किया गया है लेकिन इस बजट में कार्यक्रम का आयोजन होना मुश्किल है। सोमवार देर शाम तक स्कूलों को यह राशि भी नहीं मिली।
स्कूल संचालकों के अलावा शिक्षक संगठन भी इस बजट में कार्यक्रम कराने के आदेशों पर सवाल उठा रहे हैं। 500 रुपये में स्टाफ, विद्यार्थियों या अभिभावकों को देने के लिए लड्डू आना तो दूर प्रदर्शनी के लिए फ्लैक्स बनने भी मुश्किल हैं। ऐसे में अभिभावकों को वीर गाथाओं और योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए स्कूलों में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन कैसे हो सकेगा। प्रदर्शनी में 25 बिंदुओं पर योजनाओं की जानकारी देनी है। जिनके लिए एक बड़ा या छोटे-छोटे कई फ्लैक्स बनवाने होंगे।
200 रुपये किलो लड्डू 1200 रुपये में बनेगा फ्लैक्स
बाजार में फ्लैक्स का रेट 10 रुपये प्रति वर्ग फीट व लोहे के फ्रेम के साथ 35 रुपये प्रति वर्ग का रेट है। एक फ्लैक्स कंपनी के संचालक गगन सिंह के अनुसार यदि 10 गुणा 12 वर्ग फीट का एक फ्लैक्स बोर्ड भी तैयार कराया जाए तो बिना फ्रेम के 1200 रुपये में बनेगा। वहीं लड्डू का रेट भी 200 रुपये प्रति किलोग्राम है, ऐसे में 500 रुपये में पूरे कार्यक्रम का आयोजन होना मुश्किल है।
जीटी बेल्ट में इस जिले को इतनी राशि मिलेगी
जिला स्कूल राशि
करनाल 777 383500
अंबाला 766 383000
कैथल 600 300000
कुरुक्षेत्र 791 395500
पानीपत 424 212000
यमुनानगर 929 464500
छात्र संख्या के हिसाब से जारी करना चाहिए था बजट
हरियाणा प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश महासचिव दीपक गोस्वामी का कहना है कि विभाग की ओर से राशि गलत तरीके से जारी की गई है। 50 छात्र संख्या के ग्रामीण स्कूल को भी 500 रुपये का बजट जारी किया है और 700 छात्र संख्या वाले स्कूल को भी इतनी ही राशि दी गई है जबकि छात्र संख्या के हिसाब से बजट जारी होना चाहिए था। 500 रुपये में प्रदर्शनी के साथ कार्यक्रम का आयोजन होना संभव नहीं है।
अच्छा होता विभाग ज्यादा राशि जारी करता
हरियाणा स्कूल लेक्चरार एसोसिएशन के पूर्व संरक्षक बीर सिंह राणा का कहना है कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है। यदि विभाग बजट न जारी करता तो भी इस पर्व को मनाते। 500 रुपये के बजट से कुछ नहीं होगा। बाकी व्यवस्था स्कूलों को अपने बजट से ही करनी पड़ेगी। अच्छा रहता विभाग ज्यादा राशि जारी करता तो हर बच्चे तक मिठाई भी पहुंच जाती। फिलहाल वर्चुअल कार्यक्रम ही करना पड़ेगा।
अभी तक बजट की राशि नहीं आई है। मंगलवार को रुपये आने की उम्मीद है। स्कूलों को इसी राशि में कार्यक्रम करना है। यदि ज्यादा खर्च आता है तो इसकी व्यवस्था स्कूल स्वयं करेंगे। सभी जिलों के राजकीय स्कूलों को 500 रुपये के हिसाब से ही बजट जारी हुआ है।
- विद्योत्मा, डीपीसी