मामले में आरोपी डीटीपी को विजिलेंस टीम कल कोर्ट में पेश करेगी। मामला उजागर होने के बाद से लघु सचिवालय स्थित डीड राइटरों के अधिकतर चैंबर खाली पड़े हैं, वहां सन्नाटा छाया हुआ है।
करनाल रिश्वत कांड में हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने सोमवार को तहसीलदार राजबख्श को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले पांच दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी तहसीलदार से पूछताछ के आधार पर विजिलेंस टीम ने 5.28 लाख रुपये बरामद किए हैं।
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सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपी तहसीलदार के पास आठ से 10 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें प्लॉट, जमीन, दुकान आदि शामिल है। इससे अलग विजिलेंस का यह कहना है कि तहसीलदार ने जो तीन करोड़ रुपये डीटीपी विक्रम को दिए थे, वह भी जमीन और प्लॉट खरीदने में इनवेस्ट किया गया है।
उधर, पुलिस रिमांड पर चल रहे डीटीपी विक्रम को विजिलेंस बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी। आरोपी विक्रम भी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर है। मामला उजागर होने के बाद से लघु सचिवालय स्थित डीड राइटरों के अधिकतर चैंबर खाली पड़े हैं, वहां सन्नाटा छाया हुआ है।
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वैध कॉलोनी की एनडीसी पर अवैध कॉलोनी में की रजिस्ट्री
तहसीलदार राजबख्श द्वारा वैध कॉलोनी की एनडीसी पर अवैध कॉलोनी में सैकड़ों रजिस्ट्री की गई हैं, जिसके सबूत लेकर कांग्रेस के बिहार प्रभारी एडवोकेट विरेंद्र सिंह राठौर सेक्टर-7 स्थित विजिलेंस थाने में पहुंचे। वहां उन्होंने एसपी राजेश फोगाट को तहसीलदार के खिलाफ सबूत उपलब्ध कराए।
तहसीलदार की शिकायत लेकर पहुंचने लगे लोग
तहसीलदार द्वारा की गई गलत रजिस्ट्रियों की शिकायत लेकर विजिलेंस थाना में लोग पहुंचने लगे हैं। सोमवार को मंगलौरा गांव के तीन किसान शिकायत लेकर पहुंचे, जिन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफिया ने तहसीलदार के साथ मिलकर उनकी जमीन की बदर रजिस्ट्री करा ली।