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बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज को फिर झटका

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। परिवहन सुविधाएं बढ़ने के बजाय घटती जा रही है। रोडवेज के करनाल डिपो की चार और बसें कंडम हो गई हैं। 124 बसों के बेड़े में अब 120 बसें ही विभिन्न मार्गों पर चलेंगी। ये बसें कंडम होने से दिल्ली समेत 22 मार्गों पर बस सुविधा प्रभावित होगी। यानी इन मार्गों पर फेरे घटेंगे। ऐसे में प्रति बस यात्रियों का भार भी बढ़ेगा।
नियम के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में 10 साल पुरानी हो चुकी बस का संचालन नहीं हो सकता है। ऐसे में 10 साल पूरे कर चुकी बस को दिल्ली और अन्य एनसीआर क्षेत्र से बाहर यानी ऑफ रोड कर दिया जाता है। इस कारण व्यवस्था बनाने के लिए रोडवेज की ओर से लंबी दूरी की बसों को दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर अटैच करना मजबूरी होगा। अभी भी कई बसों को ऐसे ही चलाया जा रहा है। करनाल डिपो की क्षमता और जिले की साढ़े 16 लाख आबादी के हिसाब से 350 बसों की जरूरत है। 2015 के मानक के अनुसार डिपो में 250 बसें तो जरूरी होनी चाहिए।
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2019 में डिपो में 163 बसें चल रही थी। यानी 43 बसें तीन सालों में कंडम हुई हैं। 2020 में भी बसों की संख्या 158 थी। हालात यह भी हैं कि 2018 के बाद करनाल डिपो में एक भी नई बस शामिल नहीं हुई। ऐसे में बसों की संख्या घटने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। ब्यूरो
50 से ज्यादा गांव ऐसे जहां पर नहीं है बस सुविधा
अब तक चल रही 124 बसों में एक बस पर करीब साढ़े 13 हजार की आबादी निर्भर है। जिले के 442 गांवों में से 50 ऐसे हैं, जहां रोडवेज की बस जाती ही नहीं। बसों की कमी के कारण आठ इंटर स्टेट मार्ग पहले से ही प्रभावित हैं। इनमें पंजाब के होशियारपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, और बैजनाथ, जम्मू व जयपुर शामिल हैं, जहां के लिए करनाल से सीधी बस सेवा नहीं है।
12 के बजाय चार बसें जा रहीं दिल्ली
2018 तक करनाल डिपो की 12 बसें दिल्ली जाती थी। अब घटकर चार बसें रह गई हैं। सभी बसें चौसर यानी पूरे दिन में चार-चार चक्कर यानी 48 फेरे लगते थे। अब बसों की संख्या घटने के बाद करनाल की बसों के कुल 16 चक्कर ही रह गए हैं। वर्तमान में कटरा तक जाने वाली करनाल डिपो की बस वापसी में करनाल पार करके दिल्ली तक जाती है। फिर दिल्ली होकर पुराने बस अड्डे पर लौटती है। अन्य मार्गों पर ऐसे व्यवस्था बनाना मजबूरी होगा।
कई मार्गों पर केवल सुबह-शाम ही मिलेगी बस
चार बसें कंडम होने से लंबी दूरी पर बस चलाने के लिए स्थानीय बस का मार्ग बदला जाएगा। ऐसे में जो एक बस पूरे दिन में स्थानीय पांच मार्गों पर अलग-अलग समय में चलती थी, अब वो केवल एक मार्ग पर चलेगी। इससे कुल 22 मार्ग प्रभावित होेंगे। बसों के स्थानीय मार्गों से हटने पर केवल सुबह और शाम की ही बस सुविधा रहेगी। ज्यादातर दोपहर में और नजदीकी समय में चलने वाली बस मार्ग से हटेगी। इनमें इंद्री, यमुनानगर और कैथल सहित अन्य मार्ग भी शामिल हैं।
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45 बसें देने के लिए विभाग को लिखा है : जीएम
45 बसें देने के लिए विभाग को लिखा गया है। चार बसें कंडम हुई हैं। पिछले साल बजट जारी हुआ था, लेकिन चेसिस अलॉट न होने के कारण बसें नहीं आ पाई। अब उम्मीद है जल्द बसें मिलेंगी। हर मार्ग पर बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं।
- कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज करनाल डिपो
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