सीआईए वन की टीम ने दो अलग-मामलों में दो अवैध पिस्तौल और कारतूस सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में सीआईए वन के मुख्य सिपाही बलवान ने बताया कि 15 मई को उनकी टीम आईटीआई चौक करनाल पर मौजूद थी। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि दो युवकों के पास अवैध हथियार हैं। वे कुछ समय बाद एक गाड़ी में तरावडी से करनाल जाएंगे। इस पर उन्होंने बलडी बाईपास से शहर की तरफ वाले रोड पर नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद पुलिस टीम ने नाके पर पहुंची एक गाड़ी को रुकवाकर उसमें बैठे युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम आशीष उर्फ सोमबीर निवासी गांव ठसका जिला सोनीपत व मोहित उर्फ सोहित निवासी गांव बजाना कलां जिला सोनीपत बतलाया। तलाशी के दौरान आरोपियों से एक अवैध पिस्तौल व एक कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने उनकी गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पिस्तौल को गंगोह से एक व्यक्ति से खरीदा था। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने दूसरे मामले में गिरफ्तार आरोपी सोनू के साथ मिलकर पानीपत व करनाल बाईपास दिल्ली में सवारियों को लिफ्ट देने के बहाने लूट की दो वारदातों को अंजाम दिया था।
दूसरे मामले में एएसआई राजेन्द्र सिंह सीआईए वन की अध्यक्षता में टीम आरोपी सोनू निवासी गांव नौलथा जिला पानीपत को सेक्टर-06 ग्रीन बेल्ट नजदीक एसएस फार्म करनाल से काबू किया । तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल और दो कारतूस बरामद किए गए। आरोपी ने पिस्तौल को अपने एक साथी गुरजीत उर्फ गैरी से खरीदी थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या के चार मामले व लूट और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपी 11 वर्ष की जेल काट कर के कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अपने उपरोक्त दो साथियों व अन्य साथियों के साथ मिलकर सवारियों को लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट कर हत्या करने की वारदातों को अंजाम देता है। आरोपी लूटपाट करने के बाद सवारियों को किसी नदी या नाले में फेंक अपने साथियों सहित फरार हो जाता था। आरोपी द्वारा जिला करनाल में भी ऐसी ही लूट की दो वारदातों को अंजाम देने के बारे में खुलासा किया है।