साइकिल चलाना सिर्फ फैशन या मजबूरी नहीं बल्कि यह शरीर को फिट रखने के साथ कई बीमारियों से बचाता है। वहीं, यह पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार है। इस पर ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। अब तो कई युवा साइकिलिंग प्रतियोगिता के जरिए अपना कॅरियर भी बना रहे हैं।
विश्व साइकिल दिवस हर वर्ष तीन जून को मनाया जाता है। अधिकारिक तौर पर पहली बार विश्व साइकिल दिवस तीन जून 2018 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मनाया था। जिसके तहत साइकिल चलाने का महत्व और सेहत के लिए इसके फायदों के बारे में भी बताया गया था। इस वर्ष यानी वर्ष 2022 में पांचवां विश्व साइकिल दिवस मनाया जा रहा है।
10 किलो घटाया वजन
मैंने छह महीने पहले ही अपना वजन कम करने के लिए साइकि लिंग करना शुरू किया था। अब यह मेरी आदत बन चुकी है। मैंने पिछले छह माह में अपना 10 किलो वजन कम किया है। नियमित रूप से साइकिल चलाकर आप कुछ वजन कम कर सकते हैं। यह शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी घटाने में मददगार है। रोजाना साइकिल चलाने से आपको खुद बदलाव देखने को मिलेगा।
- जहानवी
फिट रखने में मिलती है मदद
कोरोना के चलते मेरा रूझान अपने स्वास्थ्य की ओर गया जो कि बहुत जरूरी भी है। वायरस अपने ऊपर हावी न होने देने का सबसे अच्छा तरीका खुद का इम्यून सिस्टम मजबूत बनाना है। लॉकडाउन के चलते जिम, क्लब व अन्य फिटनेस सेंटर बंद थे, ऐसे में साइकिलिंग के जरिए खुद को फिट रखना सबसे अच्छा विकल्प रहा। इससे पैरों की भी एक्सरसाइज हो जाती है।
- विकास
सुबह ही सर्वोत्तम समय
मैं रोज साइकिलिंग करता हूं, साइकिल चलाने का सर्वोत्तम समय सुबह होता है। इस समय ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहता। प्रदूषण भी बहुत कम होता है और वायु भी शुद्घ मिलती है। साइकिलिंग से तनाव भी दूर रहता है। यदि समतल सड़क या मैदान पर साइकिल चलाई जाए तो इसमें थकान कम और व्यायाम अधिक होता है। हर किसी को साइकिल का प्रयोग करना चाहिए।
- अंकुश
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कोरोना काल में बड़ा प्रचलन
मैं कई साल से साइकिल चला रही हूं, इसलिए फिट भी हूं। कुछ लोग साइकिल को फैशन समझते हैं, शायद वे साइकिल चलाने के फायदे नहीं जानते। कोरोना काल में तो साइकिल का प्रचलन ज्यादा बड़ा है। शरीर को स्वस्थ रखने और इम्युनिटी के लिहाज से लोग साइकिल की सवारी कर रहे हैं। साइकिल का ज्यादा खर्च भी नहीं है।
- रंजना