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केंद्र सरकार ने पॉलिसी बदली तो धान नहीं खरीदेंगे राइस मिलर्स

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केंद्र सरकार ने पॉलिसी बदली तो धान नहीं खरीदेंगे राइस मिलर्स
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प्रदेशस्तरीय बैठक में आढ़तियों और राइस मिलर्स ने किया एलान, बाजार शुल्क बढ़ाने से भी हैं नाराज
एसोसिएशन इस साल भी दो फाड़, दूसरे गुट पर लगाए स्वयंभू पदाधिकारी बनने के आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा प्रदेश राइस एंड डीलर्स एसोसिएशन इस साल भी दो फाड़ नजर आ रही है। करनाल के अनमोल गार्डन में आयोजित प्रदेशस्तरीय सामान्य सभा की बैठक में वक्ताओं ने प्रदेशभर के राइस मिलर्स से एक मंच पर आकर हकों की लड़ाई लड़ने की बात तो कही, पर दूसरी ओर दूसरे गुट के प्रदेशाध्यक्ष आदि पदाधिकारियों पर चंद लोगों के बीच स्वयंभू पदाधिकारी बनने का आरोप लगाया। बैठक में संकल्प लिया गया कि यदि केंद्र सरकार ने सीएमआर पॉलिसी बदली यानी 20:2:2:14 का फार्मूला लागू किया गया तो कोई भी राइस मिलर धान नहीं खरीदेगा। बाजार शुल्क बढ़ाने पर भी नाराजगी जताई गई। आढ़तियों ने हाथ उठाकर एलान किया कि जब उनकी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक वह धान खरीदने अनाज मंडियों में नहीं जाएंगे।
प्रदेश प्रधान अमरजीत छावड़ा ने एक ओर जहां हकों की लड़ाई के लिए एकजुटता का आह्वान किया। वहीं 26 सितंबर को दूसरे गुट की कुरुक्षेत्र में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होने की अपील की। यही नहीं उन्होंने दूसरे गुट के पदाधिकारियों को स्वयंभू करार दिया। सदस्यों की नसीहत दी कि यदि 26 की बैठक में शामिल होने जाते हैं तो संगठन के निष्पक्ष चुनाव की बात अवश्य रखें।
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करनाल राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान विजय टक्कर के संयोजन में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में सबसे पहले कई जिलों से आए जिला एसोसिएशन के प्रधानों को मंचासीन कर उनका स्वागत किया गया।
इस दौरान नरेश कुमार ने कहा पहले भी पूरी एसोसिएशन एक हुई थी लेकिन अंत में दो फाड़ हो गई। उन्होंने सुझाव दिया कि 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर प्रदेशभर के आढ़तियों को एक मंच पर लाने के प्रयास होने चाहिए।
वहीं राम कुमार सिंगला ने भ्रष्टाचार रोकने को डिजिटल लैब बनाए जाने की मांग उठाई। मोंटू अरोरा ने कहा कि दूसरी यूनियन के कारण आढ़ती बदनाम हो रहे हैं। प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह ने कहा कि 1350 राइस मिल हैं, इससे दो लाख लोगों को रोजगार मिला है, लेकिन फिर भी अधिकारी राइस मिलर्स को अच्छी निगाहों से नहीं देखते हैं। हमें बिलिंग व मिलिंग की लड़ाई लड़नी होगी। अभी तक कुल मिलाकर 35 रुपये के करीब मिलता है, इसे 50 रुपये पर लाना होगा।
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अशोक मेहता ने कहा कि वह पिछले साल की पालिसी से भी सहमत नहीं है, उत्पादन बढ़ा है, इसलिए टूटन 30 प्रतिशत होना चाहिए। सभी मिलकर फैसला लें। बैठक में मुख्य रूप से राजेंद्र रहेगा, अशोक खुराना, रमेशचंद्र, अशोक कालड़ा, अशोक गुप्ता, सतीश कुमार आदि प्रदेश के कई जिलों से राइस मिलर्स शामिल हुई। संचालन राजेंद्र सिंह व निशांत राणा ने किया।
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