संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सीएमआर धान के नाम पर सरकार को चूना लगाने का खेल बंद नहीं हुआ है। राइस मिलर्स सीएमआर धान के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन करने के लिए अलग-अलग तरीके निकाल रहे हैं। इसी कारण सरकार मिलर्स के गोदामों पर छापा मार रही है। बुधवार को काछवा रोड स्थित दो गोदामों पर सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की छापेमारी में कोई बड़ी लापरवाही सामने नहीं आई है।
वहीं तरावड़ी मार्केट कमेटी को चावलों के स्टॉक की सूचना न देने पर मार्केट कमेटी तरावड़ी द्वारा सिर्फ दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं डीएफएससी विभाग ने भी इस चावल के स्टॉक को क्लीन चिट दे दी है। बुधवार दोपहर सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने डीएफएससी व मार्केट कमेटी की टीम के साथ काछवा रोड स्थित ओम सत्या ओवरसीज पर छापा मारा था। जहां करीब 29 हजार परमल धान के चावलों का स्टॉक लगा था। वहीं कुछ दूरी पर एक और गोदाम था। जिसमें रुपचंद अनिल फर्म तरावड़ी व नितिन एग्रो फर्म के करीब 47 हजार चावलों के कट्टे थे। इन फर्म के मालिकों को कहना था कि उनके पास चावलों के बिल हैं। इन बिलों की जांच सेल टेक्स विभाग से भी जांच कराई गई। तरावड़ी मार्केट कमेटी सचिव विवेक ने बताया कि दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि तरावड़ी की फर्म ने उन्हें स्टॉक की जानकारी नहीं दी थी।
कुंजपुरा में हुई छापामारी में इन्हीं दो फर्म का था चावल
कुछ दिन पहले विभाग की ओर से कुंजपुरा के एक गोदाम में छापा मारा गया था। गोदाम में भी तरावड़ी की फर्म रूपचंद व अनिल कुमार व नितिन एग्रो का चावल रखा, जिसमें 23 हजार कट्टे रूपचंद के और 12 हजार कट्टे नितिन के थे।