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दो दिन में सिर्फ 40 प्रतिशत उठान, बारिश ने भी भिगोया धान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। शहर की अनाज मंडी में दो दिन तक धान की खरीद बंद रही और दो दिन धान का उठान का कार्य चला लेकिन दो दिन में भी करीब 40 प्रतिशत ही उठान हो पाया है। मंगलवार सुबह 5 बजे से दोबारा गेटपास काटे जाएंगे। इसके बाद दोबारा अनाज मंडी में जाम लगने की संभावना है, क्योंकि दो दिनों का रुका हुआ धान मंगलवार को अनाज मंडी में पहुंचेगा। वहीं बारिश ने दूसरे दिन में मंडियों में धान को भिगो दिया।
हालांकि पहले से ही अनाज मंडी के दोनों गेटों पर तीन दिन से किसान धान से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर खड़े हैं। वहीं बारिश के कारण जिले की कई अनाज मंडियाें में खुले में पड़ा धान भी भीग गया।
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जिले की अनाज मंडियों में अब तक 6 लाख 12 हजार 925 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की गई। 376570 मीट्रिक टन धान खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा, 143121 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा तथा 93234 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा खरीदा गया। धान का खरीद कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार असंध में 77718 मीट्रिक टन, बल्ला में 5056 मीट्रिक टन, ब्याना में 6758 मीट्रिक टन, घरौंडा में 90877 मीट्रिक टन, घीड़ में 9107 मीट्रिक टन, इंद्री में 65046 मीट्रिक टन, जुंडला में 63739 मीट्रिक टन, करनाल में 112035 मीट्रिक टन, कुंजपुरा में 25765 मीट्रिक टन, निगदू में 25883 मीट्रिक टन, नीलोखेड़ी में 8658 मीट्रिक टन, निसिंग में 71998 मीट्रिक टन तथा तरावड़ी में 50285 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
नीलोखेड़ी। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से अनाज मंडी में खुले में पड़ी करीब 20 हजार बोरियां भीग गईं। जिससे मार्केट कमेटी द्वारा समय पर उठान के दावे की हवा निकल गई। आढ़तियों व किसानों द्वारा बोरियों व ढेरियों पर डाले गए तिरपाल भी कम रह गए। हल्की बरसात के चलते कई ढेरियां ऐसी भी हैं जिन्हें सरकारी एजेंसी ने खरीद तो लिया लेकिन समय रहते इनकी तुलाई न होने से इन ढेरियों पर तिरपाल डालकर छोड़ दिया है।
मंडी में धान की बोरियां अटी होने के कारण रेलवे रोड, पोल्ट्री एरिया रोड, नई प्रेस कॉलोनी मैदान तथा हाई स्कूल रोड पर धान की फसल डलवाई जा रही है। मार्केट सचिव जयप्रकाश ने बताया कि मंडी में धान की आवक बढ़ने के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है। कई बार खरीद को रोककर बोरियों का उठान किया गया है। मंदिर मार्ग पर पड़ी बोरियों को कल तक उठा लिया जाएगा। संवाद
मंडी में 1.75 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा
निसिंग। अनाजमंडी में धान का उठान होने के कारण खरीद का कार्य बंद रहा फिर भी लचर उठान व्यवस्था के चलते अभी भी मंडी में पौने दो लाख क्विंटल धान पड़ा है। वह भी दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी मेें भीग रहा है। जिसमें हैफेड का 14 हजार क्विंटल धान है, जबकि डीएफएससी का एक लाख 61 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा है। संवाद
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
घरौंडा। नई अनाज मंडी में दो दिन से धान न आने से किसानों व व्यापारियों को राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है, क्योंकि धान की कटाई में देरी हो सकती है। मंडी प्रधान रामलाल गोयल का कहना है कि मंडी में लगभग दस लाख कट्टे धान के पड़े थे। दो दिन में लगभग साढ़े चार लाख कट्टों का उठान हो चुका है। व्यापारियों के अनुसार बारिश के कारण भी मंडी में धान की आवक धीमी हो सकती है। जिससे मंडी के हालात सुधरने की उम्मीद है। बारिश के कारण आसमान के नीचे पड़े धान के कट्टे भी भीग गए हैं। मंडी में धान की आवक बढ़ने के कारण कच्चा आढ़ती एसोसिएशन ने रविवार व सोमवार को मंडी में धान की आवक पर रोक लगा दी थी। दो दिन जमकर धान का उठान किया गया। मार्केट कमेटी सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मंडी से काफी धान के कट्टों का उठान हो गया है। जिससे मंडी में जाम की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
दो दिन मंडी में धान का उठान होने व बारिश की वजह से मंडी में दुकानदारों व आढ़तियों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन हालात सुधरते नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसान रात को ही धान की ट्रालियां लेकर मंडी में पहुंच चुके हैं। जिससे विश्वकर्मा चौक पर ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार लग गई है।
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अब नमी की मार झेलेंगे किसान
तरावड़ी। मंडी में खुले में पड़ा धान हल्की बरसात में भीग गया है। इसका खामियाजा आढ़ती और किसानों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि सरकार नमी वाला धान नहीं खरीद पाएगी। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि बारिश जारी रही तो भारी नुकसान होगा। अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान गुलजार सिंह, बरकत सिंह, हरिचंद, सोभा सिंह का कहना है कि बेमौसम बरसात ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। संवाद
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