संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण विहार स्थित वंदन मेडिकल स्टोर को ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने सील कर फर्म के मालिक सहित अन्य के खिलाफ सेक्टर-32 थाना पुलिस को शिकायत दी गई है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा अल्प्राजोलम की दो लाख 39 हजार 400 गोलियां खरीदीं गई थी लेकिन मेडिकल स्टोर पर ये दवाइयां नहीं मिली न ही इन गोलियों के बेचने का रिकॉर्ड मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
ड्रग कंट्रोल अधिकारी रितू मैहला ने बताया कि उन्हें डीआई नारकोटिक हिमाचल प्रदेश के सुरेश चौहान से जानकारी मिली थी कि वंदन मेडिकल स्टोर द्वारा जीरकपुर की दवाई कंपनी से अल्प्राजोलम की दवाइयों का परचेज ऑर्डर दिया गया था। जिसकी जांच की जाए। इसके बाद टीम कर्ण विहार स्थित वंदन मेडिकल स्टोर पर पहुंची। वहां निरीक्षण के दौरान उन्हें अनिल छाबड़ा नाम का व्यक्ति मिला, जो नितिन छाबड़ा का भाई था। नितिन छाबड़ा वंदन मेडिकल स्टोर की मालिक सविता के पति हैं।
अनिल छाबड़ा ने कॉल कर फर्म की मालिक सविता छाबड़ा को बुलाया। सविता को हिमाचल नारकोटिक से आए दस्तावेज दिखाए गए तो सविता ने बताया कि लेटर पैड उसकी फर्म का है और हस्ताक्षर भी उसी के हैं। उसने बंसल फार्मा से अल्प्राजोलम खरीदने के लिए परचेज ऑर्डर दिया था। सविता ने बताया कि दवाइयों की खरीद का कार्य उसके पति नितिन छाबड़ा करते हैं। नितिन छाबड़ा ने बताया कि बंसल फार्मा का मालिक दिनेश बसंल लुधियाना में उसके साथ काम करते थे। जिसके कहने पर उसने अल्प्रालोजम के 399 बाक्स का परचेज ऑर्डर बंसल फार्मा, एनके शर्मा बादल कॉलोनी जीरकपुर को दिया था। ये सारी दवाइयां राजीव वर्मा नाम के व्यक्ति ने ट्रांसपोर्ट के जरिए कहीं अन्य जगह भेज दी है। उसके पास कोई स्टॉक नहीं मिला। इस काम के उसे एक लाख रुपये मिले थे। वंदन मेडिकल स्टोर संचालक दो लाख 39 हजार 400 गोलियां बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा पाई हैं। इससे साफ है कि इन गोलियों को अवैध तरीके से बेचा गया है।
ड्रग कंट्रोल अधिकारी द्वारा वंदन मेडिकल स्टोर संचालक सहित अन्य के खिलाफ शिकायत मिली है। मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पूरा रिकॉर्ड लिया जाएगा।
गुरविंद्र सिंह, सेक्टर-32 थाना प्रभारी