करनाल। किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी एसडीएम आयुष सिन्हा, लाठीचार्ज करने वाले डीएसपी व अन्य पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर अब वकील कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।
यह साफ हो गया है कि जिला प्रशासन एसडीएम, डीएसपी व उन पुलिस कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा, जिन्होंने किसानों व वकील मुनीष लाठर को डंडों से पीटा था। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान कुंवरप्रीत ने बताया कि 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर किए गए लाठीचार्ज में वकील मुनीष लाठर भी घायल हुए थे। उन्हें डीएसपी पानीपत विरेंद्र सैनी सहित अन्य कर्मचारियों ने लाठियों से पीटा था।
इस बारे में डीसी व एसपी को शिकायती पत्र देकर मांग की गई थी कि एसडीएम आयुष सिन्हा, डीएसपी पानीपत विरेंद्र सैनी सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया जाए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दो दिन का अल्टीमेटम देने के बाद वकीलों ने एक दिन कार्य स्थगित भी किया लेकिन जिला प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं मिला। वकीलों का कहना है कि ऐसे में जल्द ही हाउस की बैठक कर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। अब कोर्ट द्वारा ही एसडीएम व डीएसपी सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
पूरा दिन काम रहा प्रभावित
किसानों के धरने के कारण जिला कोर्ट में भी बुधवार को काम प्रभावित रहा। अधिकतर केसों में न्यायाधीश को अगली तारीख देनी पड़ी। ऐसे में जिला बार एसोसिएशन ने यह फैसला लिया कि वह वीरवार को सेशन जज से बैठक करेंगे कि जब तक किसानों को यह धरना चल रहा है, तब तक कोर्ट का कार्य कैसे किया जाए।