गंगा दशहरा के मौके पर सोमवार को मां यमुना के कुंजपुरा (करनाल, हरियाणा) स्थित कुंडा घाट पर श्रद्धा उमड़ी। यहां यमुना दशहरा मनाने के साथ-साथ यमुना मैया की संध्या महाआरती करने की शुरुआत की गई। हालांकि तेज आंधी और बारिश ने व्यवस्था में विघ्न डाला लेकिन आस्थावानों ने श्रद्धाभाव के साथ यमुना मैया की आरती की। 108 दीपों से जगमगाते तट पर यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। ये नई शुरुआत संत प्रेमपाल सागर के सानिध्य में शुरू की गई।
सोमवार शाम हरियाणा में पहली बार यमुना दशहरा मनाने के लिए श्रद्धालु कुंडा घाट पहुंचे। तैयारियां तो सुबह से ही चल रही थी लेकिन महिलाओं के लिए स्नान के लिए टेंट आदि लगाकर अलग से व्यवस्था की गई थी, लेकिन शाम को ही मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। जिससे टेंट आदि उड़ गया लेकिन यहां हरियाणा के यमुना तट वाले जिलों के साथ साथ पश्चिमी उत्तरप्रदेश के शामली, सहारनपुर व अन्य जनपद के लोग भी पहुंचे थे।
संध्या महाआरती के लिए मुरादाबाद से विशेष तौर पर महाज्योति मंगवाई गई थी। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यमुना में श्रद्धा की डुबकी लगाई। दीप प्रज्ज्वलन व दीप दान किया। मां यमुना जी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ भजन-कीर्तन व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज हुआ।
हवन कर पर्यावरण शुद्धि एवं भारत की समृद्धि की कामना की गई। विद्वानों ने जैसे ही शंखनाद और महाआरती शुरू की तो यमुना घाट पर मां यमुना के जयकारे लगने लगे। सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संत प्रेमपाल सागर ने कहा कि संध्या महाआरती विशेष अवसरों पर जारी रहेगी। आगे मां यमुना की पावन जयंती पर चैत्र माह की शुक्ल छटमी को महाआरती का आयोजन करेंगे। समिति के अध्यक्ष कर्मबीर लाठर व महासचिव राजपाल रोजड़ा ने सभी से यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प कराया।
मौके पर सरपंच महेंद्र सिंह फौजी, पूर्व सरपंच सुभरी संदीप सिंह, सुरेंद्र राणा, विजय कश्यप व उनकी सेवादारों की टीम, कलाकार सुरेंद्र मचल, सुरेश भाना, कविता मचल, पंकज गहलोत, सेजल गहलोत, तरुण, मयंक, अविश, पारस, अंशुल राणा, सचिन प्रोचा, राजपाल रोजड़ा, खुशाल रोजड़ा, चेतन प्रकाश विरमानी, गुलशन अनेजा चेयरमैन, रूप कमार चेयरमैन, रविंद्र गुगलानी, महाबीर अत्री, शीशपाल कल्याण, नरेश चांद, मामचंद योगी, सतपाल वधवा, प्रवीण बत्रा, रवि चौहान आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
इन्होंने किया शंखनाद
पंडित अरविंद शर्मा, पंडित अनूप द्विवेदी, देवी माता सरोज जी, प्रदीप शर्मा, पूर्णचंद शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, सुरेश शर्मा, पंडित हेतराम शर्मा, पंडित अश्विनी शर्मा, पंडित अनिल शर्मा, पंडित कपिल शर्मा, पंडित शिवकुमार व रूपेश शर्मा ने शंखनाद किया।