करनाल से जुड़े अंतरराज्यीय पेपर सॉल्वर गिरोह के तार
जिले के घीड़ गांव निवासी एक युवक को बीते रोज दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
रूसी हैकर्स की मदद से ऑनलाइन सिस्टम हैक कर परीक्षाएं पास कराने का आरोप
गिरोह के सरगना समेत धरे गए पांचों आरोपियों को भेजा गया तिहाड़ जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा (करनाल)। अंतरराज्यीय पेपर सॉल्वर गिरोह से करनाल के भी तार जुड़े हैं। जिले के गांव घीड़ निवासी युवक की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। आरोप है कि रूसी हैकर्स की मदद से ऑनलाइन सिस्टम हैक कर परीक्षाएं पास कराने में घीड़ निवासी मोहित शर्मा भी शामिल था।
बीते रोज दिल्ली पुलिस ने पेपर सॉल्वर गिरोह के सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें शामिल मोहित शर्मा ने करनाल से बीटेक करने के बाद गुरुग्राम से एमबीए किया था और वहीं एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। यह कंपनी ऑनलाइन विदेशी प्रोडक्ट बेचने का कार्य करती है। पत्नी और बच्चों के साथ मोहित गुरुग्राम में ही रहता था और अक्सर गांव घीड़ में आता जाता था। मोहित एक सप्ताह पूर्व ही गांव घीड़ से गुड़गांव गया था। तब उसके पिता एवं ग्रामीणों को यह आभास नहीं था कि वह एक ऐसे गिरोह से जुड़ा हो सकता है जो एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए तकनीकी सिस्टम में घुसपैठ कर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाओं को हैक करके अच्छे अंकों से पास करवाने का गोरखधंधा करता है।
आरोप है कि यह गिरोह विगत कई वर्षों से जेईई एवं जीमैट परीक्षा समेत अन्य कई उच्च स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं पास कराता था। ज्यादा अंक दिलाने की एवज में अभ्यर्थियों से अच्छी खासी रकम वसूली जाती थी।
इंद्री में तैनात एएसपी हिमाद्री कौशिक ने बताया कि मोहित के खिलाफ कुंजपुरा और आसपास थाने में कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। यही कारण है कि बेटे की अचानक गिरफ्तारी और ऐसे गिरोह से तार जुड़े होने की बात सामने आने से परिवार और ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा है। परिजनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस द्वारा मोहित के पकड़े जाने की जानकारी उन्हें बुधवार देर शाम मिली थी। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी साजिश के तहत मोहित को फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि बड़े बेटे रवि की करीब चार साल पूर्व सड़क हादसे में मौत हो गई थी। ऐसे में मोहित ही उनका सहारा है। दूसरी ओर धरे गए आरोपियों को बुधवार को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।