करनाल। पंजाब स्थित पटियाला के गांव तन्हेड़ी की पहलवान युवती ने कुश्ती दंगल में हरियाणा के पहलवान से भिड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए दर्शकों की वाहवाही लूटी।
पहलवान सिमरनजीत ने सिर्फ सात मिनट के मुकाबले में ही हरियाणा के पुरुष पहलवान के पसीने छुड़ा दिए और वह मैदान छोड़कर जाने लगा तो आयोजकों ने उसे किसी तरह मनाकर दंगल खत्म करवाया। बड़ागांव में श्री शाकंभरी मां मंदिर कमेटी की ओर से कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। जिसमें ढोल की थाप पर पहलवानों ने खूब जोर आजमाइश की।
पंजाब के पटियाला जिले के गांव तनहेड़ी से आई कुश्ती खिलाड़ी सिमरनजीत कौर जब अखाड़े में उतरी तो कमेटी की ओर से प्रतिद्वंद्वी को मैदान में उतरने का एलान किया गया, लेकिन कोई महिला कुश्ती खिलाड़ी मुकाबले के लिए मौजूद नहीं थी। एक घंटे तक सिमरनजीत कौर मैदान में चुनौती देती रही। जब कोई महिला प्रतिद्वंद्वी नहीं िमली तो सोनीपत का एक पुरुष पहलवान मैदान में पहुंचा। लेकिन दंगल कमेटी ने उसे यह कहकर मुकाबले से मना कर दिया कि महिला के साथ महिला खिलाड़ी ही लड़ेगी। मगर सिमरनजीत के मुकाबले में जब कोई भी महिला खिलाड़ी नहीं िमली तो आखिरकार पुरुष पहलवान से कुश्ती करवाई गई। सिमरनजीत व पुरुष पहलवान के बीच कुश्ती मुकाबला हुआ। सात मिनट के मुकाबले में सिमरनजीत ने पुरुष पहलवान को अपने दमखम का एहसास करा दिया। जिसके बाद वह मैदान से जाने लगा तो आयोजकों ने उसे फिर से बुलाया और दंगल पूरा करवाया। जिसमें सिमरनजीत के सिर विजेता का ताज सजा। सिमरनजीत की जीत पर तालियों की गड़गड़ाहट से मैदान गूंज उठा।
दंगल में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर से पहलवान भागीदारी करने पहुंचे। ढोल की थाप पर पहलवानों ने दमखम दिखाया। खेल प्रेमियों ने प्रतिभाओं को पुरस्कार दिया। कुश्ती दंगल देखने के लिए दर्शकों का काफी जमावड़ा लगा हुआ था। संवाद