संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सभागार में दो दिन से प्रदेश भर से आए सीनियर रेजीडेंट व डेमोस्टेटरों की काउंसलिंग में मेडिकल कॉलेज के हिस्से में 22 डॉक्टर आए हैं। जिनमें मेडिसन, सर्जरी, गायनी व डेंटिस्ट शामिल हैं। इन डॉक्टराें के आने पर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को डॉक्टरों के कमरे के बाहर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि फिलहाल मरीजों की संख्या के मुताबिक डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है।
बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम, बुखार साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन डॉक्टरों के आने से मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. विजय पाल ने बताया कि सरकार की ओर से प्रदेश के लिए 241 सीनियर रेजीडेंट व डेमोस्टेटरों का चयन किया था। जिनका इंटरव्यू पीजीआई रोहतक में हुआ था। इन सभी डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज आवंटित करने की जिम्मेदारी कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश चंद दुरेजा को दी गई थी। उन्हें काउंसलिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था।
इस कमेटी में उनके साथ मेवात के मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. पवन गोयल, पीजीआई रोहतक के डीन डॉ. शमशेर सिंह, खानपुर के निदेशक डॉ. महेंद्रु व पंचकूला के नसीब सिंह व सतबीर सिंह थे। मेडिकल कॉलेज के सभागार में 18 और 19 अक्तूबर को इन सभी 241 डॉक्टरों को बुलाया गया था। इन दोन दिनों में 143 सीनियर रेजीडेंट व डेमोस्टेटरों को अलग-अलग मैरिट के हिसाब से मेडिकल कॉलेज आवंटित किए गए। इनमें पीजीआई रोहतक को सबसे अधिक 98 डॉक्टर मिले। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज को 22, खानपुर को 7, मेवात को 9, फरीदाबाद को 7 डॉक्टर मिले।
98 डॉक्टर प्रतीक्षा में
241 सीनियर रेजीडेंट व डेमोस्टेटरों को स्टेशन आवंटित करना था लेकिन दो दिन की काउंसलिंग में 143 डॉक्टर ही पहुंच पाए। ऐसे में अभी 98 डॉक्टर प्रतीक्षा में हैं। इनके लिए दोबारा काउंसलिंग होगी। इनमें से तीन और डॉक्टर करनाल के मेडिकल कॉलेज को मिलेंगे, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में 25 डॉक्टरों के पद खाली थे। इनमें से 22 पर ही डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है।
मेडिकल कॉलेज में 22 सीनियर रेजीडेंट व डेमोस्टेटर ने ज्वॉइन कर लिया है। ऐसे में मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए हर सुविधा उपलब्ध है। ये डॉक्टर तीन साल के लिए मेडिकल कॉलेज में आए हैं। मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डॉक्टर पूरा प्रयास कर रहे हैं।
- डॉ. जगदीश चंद दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल