माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिस फैक्टरी में नौकरी करते थे, लॉकडाउन में आर्थिक तंगी के चलते साथियों के साथ मिलकर कर्मचारियों ने उसी फैक्टरी में चोरी कर ली। वारदात के 17 माह बाद अब पुलिस ने आरोपियों को काबू किया है। जिनसे दो क्विंटल लोहे के कृषि औजार और वारदात में प्रयोग कार बरामद हुई।
पुलिस की सीआईए-2 की टीम ने कृषि उपकरण बनाने की फैक्टरी में चोरी करने वाले आरोपी सुनिल कुमार, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार, रजत और अजय वासी बानो खेड़ी को घीड़ से गिरफ्तार किया। आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया। आरोपियों ने बताया कि लॉकडाउन में उनके पास खर्चे के लिए रुपये नहीं थे तो बंद फैक्टरी से चोरी की। आरोपी रोजाना फैक्टरी में से थोड़ा-थोड़ा लोहे का सामान व औजार चोरी करते रहे और कार में रखकर ले जाते रहे।
राकेश खन्ना निवासी पुरुषोत्तम गार्डन ने बताया कि उसकी मुगल माजरा गांव में खन्ना एग्रो इंडस्ट्री के नाम से एग्रीकल्चर उपकरण बनाने की फैक्टरी है। 4 मई 2020 को लॉकडाउन खुलने के बाद जब उसने स्टॉक जांचा तो काफी लोहे का सामान व नई डाई नहीं मिली। फैक्टरी में लगे कैमरों की फुटेज चेक की तो फैक्टरी के कर्मचारियों व अन्य व्यक्तियों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद आरोपी फरार चल रहे थे। 28 मई 2020 को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।