माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गजबन पानी नै चाली..., सारे देवर जेठा के मैं गई खटक-खटक, गज का घूंघट काड चाली मैं तो मटक-मटक...और असी दिल नू किसे दा कदी होन नहीं दित्ता.. जैसे प्रसिद्ध गीतों पर छात्राओं ने नृत्य की प्रस्तुति दी। मौका था राजकीय महिला महाविद्यालय में चल रहे प्रतिभा खोज कार्यक्रम का। दूसरे दिन मंगलवार को गायन और नृत्य की प्रतियोगिताएं हुई। छात्राओं ने एक के बाद एक प्रस्तुति से हरियाणा और पंजाबी संस्कृति की छटा बिखेरी। इधर मंच पर प्रतिभागी प्रस्तुतियों से धमाल मचा रहे थे, उधर पंडाल में दर्शक मंडल में बैठी छात्राएं और शिक्षक तालियों से उत्साह बढ़ा रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रभारी डॉ. विवेक रंगा ने की। मुख्य अतिथि प्रिंसिपल डॉ. सरिता कुमार रहीं। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने छात्राओं को इस तरह की प्रतियोगिताओं में उत्साह से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से प्रतिभा में निखार आता है। कला एवं संगीत जीवन को सरल और सुंदर बनाने के लिए अनिवार्य है। डॉ. विदूषा ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. भारती, अंजना, शिवाली, विन्नी, अनुव्रता और हरप्रीत कौर मौजूद रहे।
गायन में आंचल और नृत्य में मुस्कान प्रथम
गायन प्रस्तुतियों में छात्राएं कृष्ण भक्ति में भी रमी दिखीं। कई छात्राओं ने माता-पिता, गुरु, शिक्षक और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गीतों की प्रस्तुति दी। गायन प्रतियोगिता में आंचल ने पहला, वंदना कौर ने दूसरा और यशिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में मुस्कान प्रथम, सेजल द्वितीय एवं मुस्कान तृतीय स्थान पर रहीं।