मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को करनाल में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कहा है कि राज्य में रेडियोग्राफर के पदों पर भर्ती हुए युवाओं को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी। एक सप्ताह के अंदर डॉक्यूमेंट स्क्रूटनी के बाद शेष प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
उन्होंने पिछले नौ सालों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब एक करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का दावा करते हुए कहा कि उनकी सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। कई लोगों ने अफसरों पर काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए व थाने में अभद्रता का आरोप लगाया तो सीएम ने एसपी को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
प्लॉट संबंधी हेराफेरी के दो मामलों में एसपी शशांक कुमार सावन को मामले में एफआईआर दर्ज करके जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। एक प्राइवेट बिल्डर का भी मामला उठा तो सीएम वह बोले कि उनके संज्ञान में है, करनाल, सोनीपत और रोहतक आदि को जोड़कर ये मामला वह स्वयं देखेंगे।
एक शिकायतकर्ता ने कहा कि 2018 में प्लाट पर कब्जे के मामले को लेकर एफआईआर कराई थी, पांच साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को निर्देश दिए कि इसकी जांच कराकर रिपोर्ट उन्हें चंडीगढ़ भेजे। इस मामले में धोखाधड़ी की धारा बढ़ाकर कार्रवाई करें।
इनकी रजिस्ट्री होनी चाहिए। वार्ड तीन के एक महिला ने कहा कि वह अपनी शिकायत लेकर लंबे समय से चक्कर काट रही है। एसपी से मिली थी तो उन्होंने तो उसके साथ कुछ गलत नहीं होने देने का भरोसा दिया था लेकिन जब सेक्टर 32-33 थाने गई तो वहां पुलिस ने उसके खिलाफ ङी कार्रवाई करने की धमकी देकर लौटा दिया। सीएम ने एसपी को निर्देश दिए कि वह मामले को देखें। यदि कई अधिकारी ठीक से कार्य नहीं कर रहा तो उन्हें काम कराना आता है।
एक प्राइवेट बिल्डर द्वारा रुपये लेकर प्लाट नहीं देने का मामला उठा तो सीएम बोले कि इस बिल्डर का मामला रोहतक व सोनीपत में भी आया था, उनके संज्ञान में हैं, इसमे करनाल को भी जोड़कर वह स्वयं देखेंगे। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, प्रदेश का 2.80 करोड़ लोग मेरा परिवार हैं।हमारा उद्देश्य है कि हर गरीब परिवार का जीवन स्तर ऊंचा हो और हर परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो। मैं आप सभी के बीच से एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वार्ड नंबर 10 के 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके तीन लोगों को परिवार पहचान पत्र के माध्यम से स्वत: पेंशन शुरू होने संबंधी कागजात भी सौंपे। उन्होंने कहा कि अब किसी को बुढ़ापा पेंशन के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती। परिवार पहचान पत्र के हिसाब से 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर बिना किसी सिफारिश के पेंशन अपने आप शुरू हो जाती है।