फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर बैठे बनवाएं लर्निंग हैवी लाइसेंस, नहीं काटने पड़ेंगे आरटीए के चक्कर

विज्ञापन
108-आरटीए कार्यालय में लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करते लोग।
विज्ञापन
करनाल। भारी वाहन चलाना सीखने के लिए जरूरी लर्निंग हैवी लाइसेंस बनवाने के लिए अब आरटीए कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। युवा घर बैठे भी ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करते हुए खुद भी लाइसेंस बनवा सकेंगे। जिले में 16 अगस्त से यह नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके लिए परिवहन विभाग के सारथी सॉफ्टवेयर पर खुद आवेदन करने का विकल्प भी शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

खास बात यह भी होगी कि लर्निंग हैवी लाइसेंस बनने के बाद जरूरी 35 दिन की ड्राइविंग ट्रेनिंग का शेड्यूल पर भी सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा। इसके लिए परिवहन विभाग के इस सॉफ्टवेयर को रोडवेज के ट्रेनिंग सॉफ्टवेयर से भी जोड़ा जा रहा है। करनाल में रोडवेज के प्रशिक्षण केंद्र में चालक को 35 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा कैथल के पाडला में स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में यह ट्रेनिंग होती है। दोनों जगह युवाओं को लाइसेंस बनवाने के बाद प्रशिक्षण का शेड्यूल आसानी से नहीं मिल पाता। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था से लाइसेंस के इच्छुक युवाओं को कार्यालय के चक्करों से निजात मिलेगी। साथ ही प्रशिक्षण का शेड्यूल भी तय हो सकेगा।
फीस भी ऑनलाइन भर सकेंगे
आवेदक परिवहन विभाग से संबंधित सेवाओं के पोर्टल parivahan.gov.in पर जाकर sarathiservice विकल्प के माध्यम से सारथी सॉफ्टवेयर पर जाएंगे। यहां प्रदेश का चयन करने के बाद लाइसेंस के आवेदन का विकल्प सामने आएगा। इस पर क्लिक करते हुए तय प्रक्रिया को पूरा करना होगा। दस्तावेज अपलोड करते हुए लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन 300 रुपये की फीस भी जमा करानी होगी। छह बिंदुओं की इस प्रक्रिया के पूरा करने के बाद लर्निंग लाइसेंस में ट्रेनिंग का स्लाट सामने आएगा। यहां पर प्रशिक्षण के लिए समय निर्धारित कर सकते हैं।
विज्ञापन

स्थायी लाइसेंस के लिए एमवीआई से पासिंग की जरूरत नहीं
वर्तमान में स्थायी हैवी लाइसेंस बनवाने पर एमवीआई यानी मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर से पासिंग का प्रावधान है। नई व्यवस्था में परिवहन विभाग इस शर्त को भी हटा रहा है। ऐसे में लाइसेंस बनवाने के बाद किसी भी तरह की पासिंग प्रक्रिया से लाइसेंस धारक को नहीं गुजरना होगा। 35 दिन के प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र ही मान्य रहेगा।
300 से ज्यादा लाइसेंस हर माह बनते हैं : डीटीओ
आरटीए कार्यालय में हर माह 300 से ज्यादा आवेदन लर्निंग हैवी लाइसेंस के लिए आते हैं। नई व्यवस्था में लोगों को लाइसेंस आवेदन के लिए कार्यालय में नहीं आना पड़ेगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं विभाग का कार्यभार भी कम होगा। 16 अगस्त के बाद से कार्यालय में होने वाली आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया जाएगा। -वीना हुड्डा, जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें