134ए को प्रदेश सरकार ने खत्म करने का निर्णय लिया है, जिसका अभिभावक विरोध कर रहे हैं, हालांकि जिन बच्चों का दाखिला नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में हुआ है उनकी पढ़ाई पूर्व की तरह जारी रहेगी। फिलहाल जिले में करीब 4297 बच्चे नियम 134ए के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
यह नियम वापस लेने पर आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक और कई सामाजिक संगठन प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं। हालांकि निजी स्कूल संचालक इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए कार्य करने वाले एडवोकेट कैलाश चंद ने कहा कि सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। आरटीई एक्ट देश में 2009 में लागू हुआ था, लेकिन आज तक इस नियम के तहत किसी बच्चे का दाखिल नहीं हुआ, क्योंकि नियम के तहत दाखिला फार्म पर सरकारी स्कूल यह लिखकर नहीं देते कि उनकी सीटें पूरी हो चुकी हैं जो कि निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए जरूरी है।
134ए के तहत ये हैं दाखिले
2018 में 1234 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ। इसी तरह 2019 में 1475, 2021 में 1588 विद्यार्थियों को दाखिला मिला था। जिले भर में 4297 विद्यार्थी 134ए के तहत शिक्षा ले रहे हैं।
वर्जन
134ए के तहत जिन बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में हुआ है, उनकी शिक्षा नियम के तहत जारी रहेगी। इन स्कूलों को सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा।
रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी