माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कक्षा छठी से 12वीं के बाद अब प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थी भी स्कूल आएंगे। कोरोना के मामलों में कमी के बाद सरकार ने इन विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने की घोषणा की है। करीब 17 माह बाद पहली सितंबर से चौथी और पांचवीं के विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे। सरकार के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग की ओर से भी विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने और कोरोना सुरक्षा गाइडलाइन की पालना के लिए एसओपी भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, स्कूल आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को अभिभावकों से लिखित अनुमति लानी होगी। वहीं स्कूल की ओर से भी उपस्थिति को लेकर भी कोई दबाव नहीं रहेगा। जांच के बाद ही प्रत्येक विद्यार्थी को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। जिले के 778 सरकारी, 120 सीबीएसई और 250 निजी स्कूलों में इन दोनों कक्षाओं के करीब 40 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूल विद्यार्थियों को सम विषय फार्मूले के तहत बुला सकते हैं। इधर छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की भी अभी तक स्कूलों में 70 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज की गई है।
स्कूलों की तैयारी.. एक डेस्क पर एक विद्यार्थी बैठाएंगे
इधर स्कूलों ने भी सरकार की घोषणा के बाद तैयारियां शुरू कर दी हैं। कक्षा लगाने के लिए कमरों में एक डेस्क पर एक बच्चे के बैठने की व्यवस्था की जा रही है ताकि सामाजिक दूरी की पालना हो सके। प्राथमिक स्कूलों में बंद पड़े कमरों को भी सैनिटाइज किया जाना है। इसके लिए शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी स्कूल मुखिया को आदेश जारी कर दिए हैं। मार्च 2020 में कोरोना की पहली लहर के दौरान ही सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। तब से 17 माह से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे घर से ही पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावक कविता, अनू और दिप्ती का कहना है कि उनके बच्चे घर पर ऑनलाइन पढ़ाई करते करते बोर हो गए थे। अब स्कूल खुलने से उन्हें अपने साथियों से मिलने का मौका मिलेगा। कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई का भी ज्यादा असर होता है।
यह है एसओपी
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहकर पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति रहेगी।
- विद्यार्थी अपने माता-पिता की लिखित अनुमति मिलने पर ही विद्यालयों में पढ़ने के लिए बुलाए जाएंगे।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी, इस बारे में विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा जारी रखते हुए विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रत्येक शिक्षक का स्कूल आने से पहले कोरोना सुरक्षा के तहत टीकाकरण अनिवार्य है। सभी स्कूलों को व्यवस्था बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पहली सितंबर से चौथी और पांचवीं के लिए विद्यालय खुलेंगे।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करनाल