माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जुंडला अनाज मंडी में धान खरीद में की गई हेराफेरी के मामले में हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड ने मंडी कर्मियों के साथ-साथ खरीद एजेंसियों पर भी शिकंजा कस दिया है। मुख्य प्रशासक विनय सिंह के आदेश पर जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी ने पुलिस को शिकायत दे दी है। जिसमें मंडी सचिव सहित 12 मंडी कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में खरीद एजेंसियों पर कई सवाल उठाते हुए इन्हें जांच में शामिल करने की बात कही गई है।
पांच दिन पहले मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा के मुख्य प्रशासक विनय सिंह के आदेश पर जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी करनाल (डीएमईओ) ईश्वर राणा, हिसार के निहाल सिंह, कुरुक्षेत्र के राजीव चौधरी व पानीपत के जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी महावीर सिंह की अगुवाई में चार टीमों ने जिले की जुंडला अनाज मंडी में धान खरीद की जांच शुरू की थी। इसमें 36 आढ़तियों के पास धान कम तो 38 आढ़तियों के पास अधिक धान मिला था। कम धान को गंभीरता से लेते हुए आशंका जताई गई कि बिना धान आए ही गेटपास जारी कर दिए गए हैं। अधिक धान पाए जाने का मतलब भी बिना गेटपास के धान मंडी में है। यह गड़बड़ी बिना मंडी कर्मियों व खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की सांठगांठ के संभव नहीं है।
डीएमईओ ईश्वर राणा ने अपनी रिपोर्ट पर मुख्य प्रशासक विनय सिंह को मंडी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। ईश्वर राणा ने मामले में जुंडला पुलिस चौकी को शिकायत दी। चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि डीएमईओ की शिकायत पर जुंडला अनाज मंडी के सचिव अजय संधू, सुपरवाइजर कुलदीप सिंह, नीलामी अभिलेखक नरेशचंद्र, अनिल, दिलशाद, विकास मान के अलावा छह ठेका कर्मी कंप्यूटर आपरेटर रोहति, अस्मित, भंवर सिंह, मोहित, अजय व एक अन्य के खिलाफ हेराफेरी आदि आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। डीएमईओ ईश्वर राणा ने बताया कि उन्होंने सीधे तौर पर भले की खरीद एजेंसी हैफेड व खाद्य आपूर्ति के निरीक्षकों व कम धान वाले 36 आढ़तियों को नामजद न किया गया लेकिन कई सवाल ऐसे हैं, जिस पर पुलिस इन्हें जांच में शामिल कर सकती है।
गुरुनाम सिंह कौन
जुंडला मंडी के सुपरवाइजर कुलदीप सिंह ने मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक विनय सिंह को शिकायती पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि जुंडला मंडी में सचिव ने एक गुरनाम सिंह नाम का व्यक्ति रखा है, जो न तो मंडी का कर्मचारी है न ही किसी एजेंसी का लेकिन वह धान खरीद में कई तरह की गड़बड़ी कर रहा है। मुख्य प्रशासक ने इसकी जांच के आदेश भी दिए थे लेकिन डीएमईओ को इसकी जानकारी नहीं मिली। इसलिए गुरनाम सिंह की जांच कर कार्रवाई के लिए भी पुलिस को लिखा गया है।