क्रिकेट में कीर्तिमान रचने वाले ऑलराउंडर खिलाड़ी अंशुल का जलवा बरकरार है। अंशुल के पिता उधम सिंह ने बताया कि अंशुल ने महज 11 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी। वह इंद्री हलके के फाजिलपुर गांव से 22 किलोमीटर की दूरी तय करके उन्हें कोचिंग दिलाने आते थे।
उन्होंने बताया अंशुल पर बचपन से ही क्रिकेट का जुनून हावी रहा। आखिरकार उनका संघर्ष व बेटे का जुनून रंग लाया और आज अंशुल कर्ण नगरी का चमकता सितारा बनकर उभरा है। इससे पहले तरावड़ी कस्बे के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी भी भारतीय टीम में खेल चुके हैं। अंशुल ने रणजी ट्रॉफी के पांचवें राउंड में केरल के खिलाफ पहली पारी में 10 विकेट लिए।
लाहली में केरल के खिलाफ खेले जा रहे रणजी मैच की पहली पारी में 49 रन देकर सभी 10 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। इस प्रदर्शन की बदौलत वह टेन विकेट टेकिंग क्लब में शामिल हो गए है। इससे पहले भारतीय गेंदबाज अनिल कुंबले व देबाशीष मोहंती के नाम यह रिकॉर्ड है। यह कीर्तिमान रच कर वह किसी टूर्नामेंट के इतिहास में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं।
लगातार बेहतर प्रदर्शन की बदौलत अंशुल का भारतीय टीम में चयन होना तय है। उनके मुख्य कोच सतीश राणा ने बताया कि वह जब भी उन्हें अभ्यास के लिए बुलाते थे तो वह सबसे पहले क्रिकेट मैदान में पहुंच जाते थे। अगर सुबह चार बजे आना होता था तो फिर भी वह 10 व 15 मिनट पहले मैदान पर होता था।
उनके पिता उधम सिंह पेशे से किसान हैं। वह लगातार तीन साल तक अंशुल को मोटरसाइकिल पर करनाल लेकर आते थे। अंशुल ने शुरुआत से ही अपनी सेहत व शरीर की परवाह किए बिना जीतोड़ मेहनत की है। कोच सतीश ने बताया कि अंशुल शुरुआत से ही समय का पाबंद और क्रिकेट के प्रति उसका जनून बचपन से है। बहुत जल्द अंशुल भारतीय टीम में अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाएगा। संवाद
जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में दिखाई चमक
अंशुल ने पहली बार अंडर 14 में जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लिया। उस दौरान उसने सर्वाधिक विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान केंद्रित किया। अंशुल ने जमकर बल्ला भी चलाया। उसके बाद अंडर 16 में भी अंशुल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। देखते ही देखते अंशुल अंडर 19 में हरियाणा टीम में चयनित हो गया। बेहतरीन प्रदर्शन करने पर अंशुल का चयन रणजी ट्रॉफी के लिए हुआ। उसके बाद दिलीप व विजय हजारे ट्रॉफी में भी अंशुल ने चयनकर्ताओं का ध्यान केंद्रित किया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत हरियाणा ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती।
एक पारी में 10 विकेट लेने वाले हरियाणा के पहले खिलाड़ी
रणजी ट्रॉफी की एक पारी में 10 विकेट लेकर अंशुल ने एक मैच में 10 विकेट लेने वाले हरियाणा के पहले खिलाड़ी बन गए है। इससे पहले हरियाणा के किसी भी खिलाड़ी ने किसी टूर्नामेंट के एक मैच में इतने विकेट नहीं लिए है। अंशुल इमर्जिंग एशिया कप में अंशुल ने तीन मैचों में 10 की इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी की और चार विकेट भी लिए। वहीं इस साल खेले दलीप ट्रॉफी में भी कंबोज ने शानदार प्रदर्शन किया था, वह टॉप विकेट टेकर रहे। उन्होंने इंडिया-सी की ओर खेलते हुए तीन मैचों में 3.19 की इकोनॉमी से गेंदबाजी की और 16 विकेट लिए। टूर्नामेंट में अपने दूसरे मैच में उन्होंने आठ विकेट लिए। इस तरह वह दलीप ट्रॉफी के एक मैच में 10 विकेट लेने वाले तीसरे तेज गेंदबाज बन गए है।